जागरण संवाददाता, चंडीगढ़ : दुनिया की सबसे कठिन रेस एक्रॉस अमेरिका (रैम) में हिस्सा लेना किसी भी साइकिलिस्ट के लिए सपना होता है। रैम में हिस्सा लेने के लिए साइकिलिस्ट वर्षो मेहनत करते हैं तब जाकर वे इस प्रतियोगिता में हिस्सा ले पाते हैं। प्रतियोगिता में हिस्सा वही साइकिलिस्ट ले पाते हैं जो इसकी क्वालीफाइंग रेस को समय पर पूरा कर पाते हैं। दूसरी शिवालिक सिग्नेचर अल्ट्रा रेस इसी प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाइंग है। सेक्टर-27 स्थित चंडीगढ़ प्रेस क्लब में शिवालिक सिग्नेचर के डायरेक्टर अभिषेक कश्यप और रेस एक्रॉस अमेरिका के सीईओ फ्रेड बोथेलिग ने इस इवेंट के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस बार यह प्रतियोगिता 19 अक्टूबर को सुखना लेक स्पो‌र्ट्स कांप्लेक्स से सुबह पांच बजे शुरू होगी। यह 615 किलोमीटर की यह अल्ट्रा रेस चंडीगढ़ से शुरू होकर रोपड़, होशियारपुर, पठानकोट, गुरदासपुर से होती हुई अमृतसर तक जाएगी और इसी रूट में वापस आकर चंडीगढ़ में समाप्त होगी। साइकिलिस्ट को यह रेस 30 घंटे में पूरी करनी होगी। प्रतियोगिता का समापन सुखना लेक स्पो‌र्ट्स कांप्लेक्स पर ही होगा। इस बार 50 साइकिलिस्ट ले रहे हैं हिस्सा

डॉ. अभिषेक कश्यप ने बताया कि इस बार देशभर के 50 से ज्यादा साइकिलिस्ट शिवालिक सिग्नेचर अल्ट्रा रेस में हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि जो साइकिलिस्ट समय पर शिवालिक सिग्नेचर रेस को पूरा कर लेते हैं, वो दो साल के लिए रेस एक्रॉस अमेरिका के लिए क्वालीफाई कर लेते हैं। इस बार प्रतियोगिता में गुजरात, राजस्थान, जम्मू, दिल्ली और गंगानगर के साइकिलिस्ट हिस्सा ले रहे हैं। पंजाब के होशियारपुर से अकेले नौ साइकिलिस्ट हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस रेस में 10 कंट्रोल प्वांइट बनाए गए हैं जहां खिलाड़ियों की टाइमिग नोट की जाएगी। इसके लिए इस बार पूरी रेस प्लास्टिक फ्री रहेगी। कश्यप ने बताया कि पिछले साल सीजन में उत्तर भारत से 49 लोगों ने रेस एक्रॉस अमेरिका के लिए क्वालीफाई किया था, इनमें दो लोगों ने तो रेस में हिस्सा लेने के लिए वीजा भी अप्लाई किया था लेकिन उन्हें वीजा समय पर नहीं मिला जिस वजह से वह प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले पाए।

Posted By: Jagran

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