[डाॅ. सुमित सिंह श्योराण] चंडीगढ़। देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटीज में शामिल पंजाब यूनिवर्सिटी ने सियासत को कई बड़े नेता दिए हैं। पीयू कैंपस में छात्र राजनीति से शुरुआत करने वाले युवा नेताओं ने बाद में स्टेट और नेशनल पाॅलिटिक्स में अहम मुकाम हासिल किया है। आज राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय कई नेताओं की पंजाब यूनिवर्सिटी कर्मभूमि रही है। कई युवा नेता संसद तक पहुंचे हैं। पंजाब, हरियाणा और हिमाचल की राजनीति पर तो यहां की स्टूडेंट पाॅलिटिक्स का सीधा असर पड़ता है। 2019 लोकसभा चुनाव में भी पीयू के स्टूडेंट रहे कई नेता किस्मत आजमा रहे हैं। आइए डालते हैं एक नजर।

पवन बंसल ने किया पीयू काउंसिल सेक्रेटरी से रेलमंत्री तक का सफर 

चंडीगढ़ लोकसभा के प्रत्याशी पवन कुमार बंसल के राजनीतिक करियर की शुरुआत पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस से ही हुई थी। पीयू लाॅ डिपार्टमेंट के स्टूडेंट रहे बंसल 1970-71 में पीयू स्टूडेंट काउंसिल में सेक्रेटरी चुने गए थे। उसके बाद पवन बंसल ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। चंडीगढ़ लोकसभा का चार बार चुनाव जीतने वाले बंसल केंद्र सरकार में रेल मंत्रालय जैसे महत्वपूर्ण पद पर रहे। बंसल कहते हैं कि उनके लिए राजनीति की शुरुआत पीयू कैंपस से ही हुई। चंडीगढ़ की राजनीति में काफी दमखम रखने वाले पवन बंसल का इस बार लोकसभा में पीयू की स्टूडेंट रही और बीजेपी प्रत्याशी किरण खेर से कांटे का मुकाबला है। बंसल पीयू सीनेट में भी कई सालों से मेंबर हैं। पीयू पाॅलिटिक्स में बंसल की गहरी पकड़ है।

केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रुडी को पीयू से मिली पाॅलिटिक्स की जमीन

केंद्र सरकार में मंत्री रहे भाजपा नेता राजीव प्रताप रुडी ने भी अपने पाॅलिटिकल करियर की शुरुआत पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस से की थी। गवर्नमेंट काॅलेज-11 में राजीव प्रताप छात्र काउंसिल के प्रेसीडेंट चुने गए थे। पंजाब यूनिवसिर्टी के लाॅ डिपार्टमेंट के स्टूडेंट रहे राजीव प्रताप रुढ़ी ने 1983-84 में पुसू पार्टी से चुनाव लड़ा और सेक्रेटरी पद पर जीत हासिल की। रुडी 1996 में छपरा (बिहार) से सांसद बने और फिर केंद्रीय राज्य मंत्री भी बनाए गए। 2019 लोकसभा में भी राजीव प्रताप चुनावी मैदान में हैं।

डाॅ.मनोहन सिंह और सुषमा स्वराज भी पीयू की देन

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज।

पंजाब यूनिवर्सिटी से देश की राजनीति में अहम छाप छोड़ने वाले नेताओं की लंबी लिस्ट है। दो बार देश के प्रधानमंत्री रहे डाॅ. मनमोहन सिंह बेशक पीयू छात्र राजनीति में नहीं रहे, लेकिन डाॅ.मनमोहन ने पीयू के इकोनाॅमिक्स विभाग में कई सालों तक पढ़ाया है। बीजेपी की वरिष्ठ नेता और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भी पीयू छात्र राजनीति में काफी सक्रिय रही हैं। वह अखिल भारतीय विद्याथी परिषद से जुड़ी रही हैं। पीयू के लाॅ विभाग की स्टूडेंट रही सुषमा ने छात्र काउंसिल का चुनाव तो नहीं लड़ा, लेकिन वह हमेशा छात्र गतिविधयों में रुचि लेती रही हैं। सुषमा ने पहली बार 1977 में विधानसभा का चुनाव लड़ा और उसके बाद से केंद्र सरकार में अहम रोल निभा रही हैं।

कई छात्र नेता और विधायक भी दिए


पंजाब यूनिवर्सिटी हमेशा ही युवाओं को राजनीति में जाने के लिए बेहतर प्लेटफार्म उपलब्ध कराती रही है। 2018 में पहली बार कनुप्रिया ने स्टूडेंट काउंसिल प्रेसिडेंट पद पर जीत हासिल कर रिकार्ड बनाया है। कनुप्रिया स्टूडेंट काउंसिल की प्रेसिडेंट बनने वाली पहली लड़की हैं। इन्हें भी भविष्य की प्रतिभाशाली नेता माना जा रहा है। पंजाब यूनिवर्सिटी से पढ़ने वाले कई छात्र नेता अब पंजाब और हरियाणा की विधानसभा में विधायक हैं।


दलबीर सिंह गोल्डी

पंजाब यूनिवर्सिटी ने पंजाब को कई बड़े नेता दिए हैं। पंजाब विधानसभा में मौजूदा युवा विधायक दलबीर सिंह गोल्डी पीयू कैंपस में क्लास रिप्रेजेंटेटिव (सीआर) और फिर सोपू छात्र संगठन के बैनर तले 2006-7 सत्र में पीयू स्टूडेंट काउंसिल के प्रेसिडेंट चुने गए। पीयू राजनीति में गोल्डी का काफी दबदबा रहा है। गोल्डी 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में धूरी सीट से विधायक चुने गए।

कुलजीत नागरा


पंजाब यूनिवर्सिटी के लाॅ विभाग के स्टूडेंट रहे कुलजीत सिंह नागरा धाकड़ युवा नेता रहे हैं। फतेहगढ़ साहिब से विधानसभा चुनाव भी इन्होंने जीता है। छात्र राजनीति में नागरा का बड़ा कद रहा है। पुसू पार्टी के समर्थक रहे नागरा अब भी छात्र काउंसिल चुनाव में युवा छात्र नेताओं का मार्गदर्शन करते हैं।


दो बार सांसद बने भाजपा नेता सत्यपाल जैन

चंडीगढ़ से दो बार भाजपा की सीट से लोकसभा चुनाव जीतने वाले सत्यपाल जैन राजनीति का बड़ा चेहरा हैं। युवा अवस्था में और अब भी पीयू सीनेट सिंडीकेट में सत्यपाल जैन का बड़ा कद है। इस समय एडिशनल साॅलिसिटर जनरल आॅफ इंडिया सत्यपाल जैन एबीवीपी छात्र राजनीति में काफी सक्रिय रहे हैं। पीयू के एमए पाॅलिटिकल साइंस विभाग के स्टूडेंट रहे जैन 1974 में क्लास रिप्रेजेंटेटिव बने और उसके बाद काउंसिल में जनरल सेक्रेटरी के पद पर भी चुने गए। मौजूदा लोकसभा चुनाव में भी जैन को बीजेपी से टिकट का मजबूत दावेदार माना जा रहा था।




चंडीगढ़ लोकसभा सीट से आप प्रत्याशी पूर्व मंत्री हरमोहन धवन और भाजपा प्रत्याशी किरन खेर।

इस बार पीयू के तीन स्टूडेंट्स की बीच कड़ी टक्टर  

चंडीगढ़ की लोकसभा सीट पर इस बार कांटे की टक्कर है। यह भी संयोग है कि इस सीट पर मुकाबले में खड़े तीनों प्रत्याशी पंजाब यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट ही हैं। पवन कुमार बंसल लाॅ डिपार्टमेंट से, किरण खेर अंग्रेजी विभाग और आप पार्टी नेता हरमोहन धवन बाॅटनी विभाग के स्टूडेंट रहे हैं। एेसे में तीनों के बीच मुकाबला काफी रोचक होने की उम्मीद है। पंजाब यूनिवसिर्टी में भी शहर का एक बड़ा वोट बैंक है, एेसे में पीयू के तीनों ओल्ड स्टूडेंट की नजरें यहां को वोट पर रहेगी।

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Posted By: Pankaj Dwivedi

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