झपटमारी में पंजाब देश में सबसे आगे, नशा तस्करी और महिलाओं के खिलाफ अपराध ने बढ़ाई चिंताएं
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की नई रिपोर्ट में पंजाब झपटमारी के मामलों में देश में सबसे आगे रहा। नशा तस्करी, ...और पढ़ें

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HighLights
पंजाब में झपटमारी के मामले देश में सर्वाधिक दर्ज।
नशा तस्करी और ओवरडोज से मौतें भी चिंताजनक स्थिति में।
महिलाओं व बच्चों के खिलाफ अपराधों में वृद्धि दर्ज की गई।
रोहित कुमार, चंडीगढ़। पंजाब में महिलाओं से झपटमारी की घटनाएं देश में सब से ज्यादा हो रही है। राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की मई 2026 में जारी क्राइम इन इंडिया 2024 रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2024 के दौरान राज्य में 1,356 झपटमारी के मामले दर्ज हुए। प्रति लाख आबादी पर 4.4 की अपराध दर के साथ पंजाब ने अन्य सभी राज्यों को पीछे छोड़ दिया।
आंकड़ों के मुताबिक, पंजाब की झपटमारी दर राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक है। यह स्थिति इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि झपटमारी सीधे तौर पर शहरी सुरक्षा और पुलिस गश्त की प्रभावशीलता से जुड़ी होती है।
चंडीगढ़ से सटे मोहाली, लुधियाना, अमृतसर, जालंधर और पटियाला जैसे शहरों में मोबाइल, पर्स और चेन छीनने की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं। पुलिस द्वारा विशेष अभियान चलाने के बावजूद इस श्रेणी में पंजाब का शीर्ष पर रहना कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
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झपटमारी व नशे के बीच अप्रत्यक्ष संबंधों की आशंकाएं
रिपोर्ट यह भी संकेत देती है कि झपटमारी और नशे के बीच एक अप्रत्यक्ष संबंध हो सकता है। पंजाब पहले से ही नशे से जुड़े मामलों में राष्ट्रीय स्तर पर चिंताजनक स्थिति में है। एनडीपीएस एक्ट के तहत राज्य में 8,973 मामले दर्ज हुए, जो देश में चौथा सबसे बड़ा आंकड़ा है।
इनमें 6,060 मामले नशा तस्करी से संबंधित हैं। इसके अलावा नशे की ओवरडोज से मौतों के मामलों में पंजाब देश में दूसरे स्थान पर रहा। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि छोटे स्तर के कई संपत्ति अपराध, जैसे झपटमारी और चोरी, नशे की लत से जुड़े गिरोहों द्वारा किए जाते हैं।
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महिलाओं के बीच अपराध ने बढ़ाई चिंताएं
महिलाओं के खिलाफ अपराध के आंकड़े भी चिंता बढ़ाने वाले हैं। रिपोर्ट के अनुसार पंजाब में 2024 के दौरान दुष्कर्म के 558 मामले दर्ज किए गए। वहीं बच्चों के खिलाफ यौन अपराध संरक्षण कानून (पाक्सो) के तहत 2,430 मामले सामने आए। यह दर्शाता है कि संवेदनशील वर्गों की सुरक्षा को लेकर भी चुनौतियां बनी हुई हैं।
हत्या के मामलों में पंजाब में 1,079 केस दर्ज हुए। यह संख्या बताती है कि गंभीर अपराध भी नियंत्रण में नहीं आए हैं। अवैध शराब के सेवन से 33 मौतें दर्ज होना अलग चिंता का विषय रहा।
झपटमारी का बढ़ना एक चेतावनी
विशेषज्ञों का कहना है कि झपटमारी में पंजाब का देश में पहले स्थान पर आना केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि सामाजिक और पुलिसिंग दोनों स्तर पर चेतावनी है।
एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार, जहां कई बड़े राज्यों में कुल संख्या अधिक हो सकती है, वहीं आबादी के अनुपात में पंजाब की अपराध दर अधिक होने से राज्य की स्थिति और गंभीर मानी जा रही है। यही कारण है कि इस बार रिपोर्ट में झपटमारी पंजाब के लिए सबसे प्रमुख चेतावनी संकेत बनकर उभरी है।
