राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़ : पंजाब के कृषि मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने राज्य में गेहूं और धान की फसल चक्र को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि हमें 20 साल पहले ही गेहूं-धान का फसली चक्र छोड़ देना चाहिए था। हरित क्रांति के इस माडल ने न केवल हमारी उपजाऊ जमीन को बर्बाद कर दिया है बल्कि भूजल भी खत्म कर दिया है। धालीवाल सोमवार को पंजाब किसान आयोग की ओर से कृषि के वैकल्पिक माडल विषय पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

इस समय दो कृषि नीतियों की जरूरत: धालीवाल

धालीवाल ने कहा कि वर्तमान कृषि के तरीके से कुदरत को पूरी तरह नकार दिया गया है, इसलिए दो कृषि नीतियों की जरूरत है। एक वर्तमान कृषि माडल को आगे बढ़ाने वाली और दूसरी कुदरती कृषि को बढ़ावा देने वाली होगी। पंजाब सरकार 31 मार्च, 2023 तक राज्य की नई कृषि नीति तैयार कर लेगी। जिसे पंजाब की भौगोलिक स्थिति, मिट्टी की सेहत, फसलों और पानी की उपलब्धता को मुख्य रख कर तैयार किया जाएगा। इसे लेकर प्रसिद्ध कृषि विज्ञानियों, विशेषज्ञों और किसान संगठनों के साथ विचार विमर्श किया जा रहा है।

रासायनों, नदीन नाशकों की वजह से लोगों को सेहत समस्याओं का करना पड़ रहा सामना: धालीवाल

कृषि मंत्री ने कहा कि कृषि में खादों, रासायनों, नदीन नाशकों और कीटनाशकों के एक सीमा से अधिक प्रयोग के कारण लोगों को सेहत समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पंजाब को पहले वाली स्थिति में लाने और कुदरती कृषि के लिए अपनी जमीन व पानी के अनुसार काम करने की जरूरत है। यह जीवन से भी जुड़ा मुद्दा है। 60 वर्षीय कुलदीप सिंह धालीवाल 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में अजनाला सीट से AAP उम्‍मीदवार हैं।  

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Edited By: Piyush Kumar

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