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'बिना किसी कट के 24 घंटे बिजली सप्लाई चालू', बिजली मंत्री तरुणप्रीत सौंध का दावा- पंजाब में बिजली संकट टला

Published: Mon, 14 Sep 2026 09:55 PM (IST)

पंजाब के विद्युत मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंध ने बताया कि राज्य में बिजली संकट अब नियंत्रण में है और सभी 10 थर्मल यूनिट पूरी क्षमता से चल रहे हैं।

राज्य में बिजली संकट टला, सभी थर्मल यूनिट पूरी क्षमता से चालू : सौंध

राज्य में बिजली संकट टला, सभी थर्मल यूनिट पूरी क्षमता से चालू : सौंध

HighLights

  1. बिजली संकट नियंत्रण में, सभी 10 थर्मल यूनिट पूरी क्षमता से चालू।

  2. आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक, कृषि क्षेत्रों को 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति।

  3. केंद्र सरकार पर कोयले की कमी और बिजली न देने का आरोप।

जागरण टीम, लुधियाना/चंडीगढ़। बिजली संकट के बीच सोमवार को विद्युत मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंध ने कहा कि अब स्थिति नियंत्रण में है। तकनीकी खराबियों को दूर कर सभी 10 थर्मल यूनिट पूरी क्षमता से चल रहे हैं।

आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक और कृषि क्षेत्रों को 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। लुधियाना में प्रेस कान्फ्रेंस में सौंध ने बिजली संकट के लिए केंद्र सरकार की ओर से कोयले की कम आपूर्ति और पंजाब को 1,000 मेगावाट बिजली जारी न किए जाने को जिम्मेदार ठहराया।

उन्होंने कहा कि 13 सितंबर को पंजाब में बिजली की मांग ने पिछले रिकार्ड तोड़ दिए। इस दिन अधिकतम मांग 17,423 मेगावाट रही। रविवार सुबह सात बजे से सोमवार तक कोई कट नहीं लगा। सौंध ने कहा कि गुरु अमरदास थर्मल प्लांट खरीदने का सरकार का फैसला बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ है। यह प्लांट नहीं होता तो बिजली संकट और गंभीर हो सकता था। राज्य के सभी 10 थर्मल यूनिट पूरी क्षमता से चल रहे हैं।

दो निजी थर्मल प्लांटों में खराबी से बिजली उत्पादन बाधित हुआ था। एक अन्य निजी संयंत्र की इकाई शुरू होने से करीब 100 मेगावाट बिजली और मिलने लगी है। किसानों को निर्बाध बिजली देना सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर किसानों को रविवार से दो घंटे अतिरिक्त बिजली दी जा रही है। उद्योगपतियों व किसान यूनियनों के भी फोन आए थे। गंभीर संकट का समय गुजर चुका है। उन्होंने बताया कि बिजली की मांग इस साल लगातार बढ़ी है।

अप्रैल में अधिकतम मांग 12,025 मेगावाट थी, जो जुलाई में 17,277 मेगावाट हो गई। 13 सितंबर को 17,423 मेगावाट की नई रिकार्ड मांग ने अप्रैल से सितंबर तक के पुराने रिकार्ड को 146 मेगावाट से पीछे छोड़ दिया है। प्रदेश के करीब 90 प्रतिशत उपभोक्ताओं को शून्य बिजली बिल मिल रहा है।