चंडीगढ़, जेएनएन। पंजाब पुलिस में तैनात कांस्टेबल के जाली मेडिकल बिल लगाकर ठगी करने की कोशिश करने वाले सीनियर कांस्टेबल पर पुलिस की जांच अटक गई है। हालांकि इस मामले में सेक्टर-3 थाना पुलिस ने सीनियर कांस्टेबल के खिलाफ 20 मार्च 2021 को एफआइआर दर्ज कर थी। वहीं अकाउंट डिपार्टमेंट से मेडिकल बिल में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद पंजाब पुलिस विभाग ने भी विभागीय जांच भी शुरू की थी। सेक्टर 3 थाना पुलिस ने सीनियर कांस्टेबल मुनीष कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

पंजाब आर्म्ड पुलिस में तैनात सीनियर कांस्टेबल विजिंदर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी 25 जनवरी को ड्यूटी मेडिकल बिल बनाने की एंट्री करने वाले कंप्यूटर पर लगी थी। कंप्यूटर आपरेटर सीनियर कॉन्स्टेबल मुनीष कुमार छुट्टी गया हुआ था। विजिंदर ने कंप्यूटर पर देखा कि कांस्टेबल सुरेंद्र  सिंह के मेडिकल बिल पर साइन सुरेंद्र कुमार ने कर रखे हैं। ऑपरेटर विजिंदर ने तुरंत सुरेंद्र सिंह से संपर्क किया तो उसने कहा कि आज तक उसने कोई भी मेडिकल बिल पास नहीं करवाए हैं। विजिंदर ने कहा कि इससे पहले भी सुरेंद्र के नाम के  एक लाख 96 हजार 56 रुपये के बिल पास हो चुके हैं।

कांस्टेबल सुरेंद्र ने बताया कि गलती से रुपये उसके बैंक एकाउंट में आ गए थे। उसने उक्त राशि सीनियर कांस्टेबल मुनीष कुमार को वापस कर दी। जबकि रिकार्ड में लाखों रुपये का बिल सुरेंद्र के नाम ही पास हो रखा था। आपरेटर विजिंदर ने फर्जी बिल पास होने की जानकारी सीनियर अफसरों को दी। सीनियर अफसरों ने सीनियर कांस्टेबल मुनीष कुमार की जांच मार्क की। जांच में दोषी पाया जाने के बाद सीनियर कांस्टेबल मुनीष के खिलाफ एफआइआर दर्ज करवाने के आदेश दिए थे। सीनियर कांस्टेबल विजिंदर की शिकायत पर सीनियर कॉन्स्टेबल मुनीष के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था।

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