राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब के डीजीपी वीरेश कुमार भावरा सोमवार से दो महीने की छुट्टी पर रहेंगे। सरकार की ओर से बीते दिनों उनकी छुट्टी मंजूर की थी। डीजीपी भावरा केंद्रीय डेपुटेशन पर जाने की इच्छा भी सरकार से जताई थी जिसे मंजूर कर लिया गया है।

नए डीजीपी को लेकर दौड़ शुरू हो चुकी है। इसके लिए सरकार जल्द ही पैनल भेजेगी, लेकिन डीजीपी की स्थायी नियुक्ति से पहले सरकार को कार्यकारी डीजीपी लगाना पड़ेगा। कार्यकारी डीजीपी लगने की दौड़ में हरप्रीत सिंह सिद्धू और गौरव यादव का नाम सबसे ऊपर चल रहा है, लेकिन अभी तक सरकार की ओर से किसी के नाम की घोषणा नहीं की गई है।

गौरव यादव को कुछ समय पहले ही मुख्यमंत्री का स्पेशल प्रिंसिपल सेक्रेटरी नियुक्त किया गया था। सिद्धू के पास एसटीएफ चीफ की कमान है। इसके अलावा आइपीएस शरद सत्या चौहान, संजीव कालड़ा भी दौड़ में शामिल है।

पंजाब में छह माह चौथे डीजीपी बदले जाएंगे। पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार में दिनकर गुप्ता डीजीपी थे, लेकिन कैप्टन के सीएम पद छोड़ने के बाद गुप्ता को पद से हटा दिया गया।

सत्ता में चन्नी सरकार के आने के बाद इकबाल प्रीत सिंह सहोता को कार्यकारी डीजीपी बनाया गया। इकबाल प्रीत सहोता के खिलाफ तत्कालीन पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने मोर्चा खोल दिया। इसके बाद अंतिम समय में सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय को डीजीपी की कमान सौंपी गई।

इसके बाद चन्नी सरकार की ओर से यूपीएससी को पैनल भेजा। पैनल से नाम आने के बाद इसी साल बीते जनवरी में भावरा को डीजीपी लगाया गया था। अब भावरा पंजाब के डीजीपी नहीं बने रहना चाहते। डीजीपी ने केंद्र व राज्य सरकार को पत्र लिखकर केंद्रीय कैडर में जाने की इच्छा जताई है। 

भावरा केंद्रीय कैडर में जाएंगे या नहीं अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है, लेकिन भावरा ने इस बीच दो माह की छुट्टी पर जाने की अनुमति मांगी है, जिसे राज्य सरकार ने मंजूर कर दिया है। 

 

Edited By: Kamlesh Bhatt