रोहित कुमार, मोहाली। किसी सूबे या राजनीति पार्टी में धड़े (ग्रुप) नहीं होते। स्वर्गीय दरबारा सिंह, स्वर्गीय ज्ञानी जैल सिंह, स्वर्गीय बेअंत सिंह से लेकर कैप्टन अमरिंदर सिंह तक धड़ेबाजी है। आगे भी धड़े होंगे। पंजाब के कैबिनेट मंत्री राणा गुरजीत सिंह ने मोहाली में पत्रकारों के साथ बातचीत में ये बात कहीं।

इससे पहले राणा ने माइक्रो इरीगेशन पोर्टल को लांच किया। ने कहा कि किसी भी पार्टी में किसी भी नेता को धड़ा हो उसे पार्टी के लिए काम करना है। ये पार्टी ने ही तय करना है कि किस को मंत्री बनाना है, किस को टिकट देनी है, किसको किस पद से हटाना है। ये कोई व्यक्ति विशेष तय नहीं कर सकता।

सवाल के जवाब में ने कहा कि जब तीन साढ़े तीन साल मंत्री नहीं रहा तो क्या मैं मर गया, जिंदा खड़ा हूं ना। चुनाव सबको मिलकर लड़ना होगा। उन्होंने कहा कि किसी की कोई नाराजगी नहीं है। ये एक है। छोटे मोटे मनमुटाव होते रहते है। ध्यान रहे कि चन्नी कैबिनेट में राणा गुरजीत को मंत्री बनाए जाने के बाद पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नवजोज सिंह सिद्धू नाराज हो गए थे। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि राजनीति उतार चढ़ाव की तरह है। कभी आप ऊपर हो तो कभी नीचे। इसलिए सब बातों को भूल जनता के लिए काम करना चाहिए।

राणा गुरजीत ने कहा कि पंजाब सरकार किसानों के साथ है। लखीमपुर खिरी घटना पर कांग्रेस की ओर से कोई राजनीति नहीं की गई। बल्कि कांग्रेस ने मुद्दा उठाया तो मंत्री का बेटा जेल गया, नहीं तो मामला दब जाता। हर राजनीति पार्टी लखीमपुर खिरी गई और जाना भी चाहिए। सब त्योहार सामान है इस में हिंदू, सिख कहां से आ गया। जो ऐसी बातें कर रहे हैं वे देश को बांटना चाह रहे हैं। इसलिए सबको मिल कर त्योहार मनाने चाहिए।

Edited By: Ankesh Thakur