राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। अभी मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के जर्मनी में जहाज से उतारने का विवाद ठंडा भी नहीं पड़ा था कि अब पता चला है कि विदेश मंत्रालय ने रिन्यूएबल एनर्जी विभाग के मंत्री अमन अरोड़ा को यूरोप के टूर पर जाने के लिए ऐन मौके पर पालिटिकल क्लीयरेंस नहीं दी।

यह ग्रीन हाइड्रोजन को लेकर नालेज एक्सचेंज प्रोग्राम था, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से बीस के लगभग लोगों ने जाना था। अमन अरोड़ा ने कहा कि केवल उनकी पालिटिकल क्लीयरेंस नहीं दी गई है। इससे पहले अरविंद केजरीवाल की विदेश यात्रा पर इन्होंने रोक लगा दी थी।

अमन अरोड़ा ने कहा कि यह कार्यक्रम पराली का समाधान निकालने के लिए कारगर हो सकता था। केंद्र सरकार पराली को लेकर पंजाब सरकार की खामियां तो निकालती रहती है, लेकिन जहां समाधान निकलता है, वहां जाने की अनुमति नहीं देती।

मंत्री ने आरोप लगाया कि उनकी यात्रा राजनीतिक कारणों से रोकी गई है। केंद्र सरकार नहीं चाहती कि दिल्ली और पंजाब सरकार प्रदूषण की समस्या का हल निकाले। उन्होंने कहा कि इस यात्रा पर न तो पंजाब सरकार का एक पैसा खर्च होना था और न ही केंद्र सरकार का।

बता दें, अमन अरोड़ा को ग्रीन हाइड्रोजन को लेकर नॉलेज शेयरिंग वाले इस टूर पर बेल्जियम, नीदरलैंड और जर्मनी जाना था जो 24 अक्टूबर से 2 अक्टूबर के लिए था। शेष जिन राज्यों के प्रतिनिधियों ने इस कार्यक्रम में जाने के लिए अनुमति मांगी थी, सभी को दे दी गई है।

दिलचस्प बात है कि इससे पहले जर्मनी के दौरे से लौटते समय भगवंत मान को हवाई जहाज से उतारने को लेकर विपक्षी ने मुद्दा बनाया हुआ है। यही नहीं, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी इस मामले में जांच के आदेश दिए हुए हैं और अब ऐन मौके पर अमन अरोड़ा को विदेश मंत्रालय से मंजूरी न मिलने को लेकर फिर से राजनीति गरमा सकती है।

यूरोप के इस टूर पर जाने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अमन अरोड़ा को मंजूरी दे थी और पालिटिकल क्लीयरेंस के लिए इसे विदेश मंत्रालय भेजा गया था। अमन अरोडा ने एक वीडियो जारी करके कहा कि उन्हें आज ही पता चला है कि उनको मंजूरी नहीं दी गई है। अरोड़ा ने कहा कि मंजूरी न देने संबंधी कोई कारण भी नहीं बताया गया है।

बता दें, पिछले कुछ दिनों से लगातार पंजाब और केंद्र सरकार के पीछे टकराव बना हुआ है। इससे पहले जब तीन दिन पहले सदन का विशेष सत्र बुलाया गया तो राज्यपाल ने इसकी मंजूरी नहीं दी। राज्य सरकार आपरेशन लोटस के खिलाफ सदन में विश्वास प्रस्ताव लाना चाहती थी। आप विधायक आरोप लगा रहे थे कि भारतीय जनता पार्टी उन्हें खरीदने की कोशिश कर रही है।

Edited By: Kamlesh Bhatt