चंडीगढ़ [इन्द्रप्रीत सिंह]। सुप्रीम कोर्ट ने पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ कार्रवाई न करने पर मुख्य सचिव करण अवतार सिंह को पिछले सप्ताह फटकार क्या लगाई, पूरी पंजाब सरकार हरकत में आ गई है। पराली न जलाने वाले किसानों को प्रति एकड़ 2500 रुपये मुआवजा देने की प्रक्रिया पूरे राज्य में शुरू हो गई है। सरकार ने अब तक 29,343 किसानों को 19 करोड़ रुपये बांट दिए हैैं। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने किसानों को मुआवजा राशि देने को कहा था।

दरअसल, शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में मुख्य सचिव को बताना था कि उन्होंने पिछले एक हफ्ते में क्या किया है। इसीलिए पूरा सरकारी तंत्र ज्यादा से ज्यादा किसानों के खातों में राशि डालने में लगा हुआ था, ताकि सुप्रीम कोर्ट में पंजाब अपना पक्ष बेहतर ढंग से रख सके। सुप्रीम कोर्ट में पंजाब सरकार की ओर से पेश हुए पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) के अधिकारियों ने बताया कि किसानों को सब्सिडी पर मशीनरी उपलब्ध करवाई गई।

साथ ही 19 करोड़ रुपये उन किसानों को दिया गया है जिन्होंने पराली नहीं जलाई, लेकिन भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) राजेवाल के कोषाध्यक्ष गुलजार सिंह ने सरकार के इस दावे को गलत बताया। उन्होंने कहा कि अभी तो केवल फार्म ही भरवाए जा रहे हैं। भाकियू ने भी सुप्रीम कोर्ट में पार्टी बनने की मांग करते हुए कहा कि किसानों की असली समस्या सुनी ही नहीं जा रही है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सारा रिकार्ड 25 नवंबर तक पेश करने को कहा और इसी दिन बहस होगी।

अब तक 85 हजार आवेदन आए

विभाग के सेक्रेटरी काहन सिंह पन्नू ने बताया कि पंजाब सरकार ने अब तक ग़ैर-बासमती धान की काश्त करने वाले 29,343 छोटे और सीमांत किसानों को पराली न जलाने के बदले लगभग 19.09 करोड़ रुपये की मुआवज़ा राशि उनके बैैंक खाते में भेज दी गई है। आज तक पराली न जलाने वाले किसानों के 85,000 आवेदन प्राप्त हुए हैं।

30 नवंबर तक जमा हो सकेंगे आवेदन

पन्नू ने बताया कि आवेदन जमा करवाने की आखिरी तारीख 30 नवंबर है। हर आवेदन को पंचायत प्रमाणित करेगी। उसके बाद राजस्व विभाग की संबंधित अथॉरिटी इसका अपने रिकार्ड से मिलान करेगी।

गलत सिफारिश पर कड़ी कार्रवाई

सचिव पन्नू ने चेतावनी दी कि यदि किसी सरपंच या राजस्व अधिकारी ने गलत ढंग से किसी आवेदन की सिफारिश की तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पास हुए सभी फार्म को वेबसाइट पर अपलोड करने का काम सहकारी सोसायटियों को दिया गया है और इसके लिए उन्हें चार रुपये प्रति फार्म भी दिए जा रहे हैं।

केंद्र से तीन सौ करोड़ मांगेगा पंजाब

किसानों को दी जाने वाली मुआवजा राशि पंजाब सरकार केंद्र सरकार से मांगेगी। विभाग के सचिव काहन सिंह पन्नू ने कहा कि यह मांग सुप्रीम कोर्ट में भी रखी जाएगी। अगर सुप्रीम कोर्ट ने आदेश न दिया तो सरकार सीधे तौर पर केंद्र सरकार से तीन सौ करोड़ रुपये की मांग करेगी।

केस रद किया जाए, योजना सभी किसानों पर लागू हो : भाकियू

सुप्रीम कोर्ट में अपनी अपील के साथ भाकियू ने मांग की है कि जिन किसानों पर केस और जुर्माने किए गए हैं उन्हें रद किया जाए। भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष ओंकार सिंह अगौल ने यह भी मांग की कि 25 सौ रुपये प्रति एकड़ देने वाली योजना को सभी किसानों पर लागू किया जाए, इसे पांच एकड़ तक सीमित न किया जाए। सुप्रीम कोर्ट का यह अच्छा फैसला है, लेकिन अगर यह पहले आ जाता तो पंजाब में पराली को आग न लगती।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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