जेएनएन, चंडीगढ़। तेजाब हमलों से पीड़ित महिलाओं के जीवन पर बनी फिल्म 'छपाक' की पंजाब सरकार ने विशेष स्क्रीनिंग की। सामाजिक सुरक्षा व महिला एवं बाल विकास मंत्री अरुणा चौधरी ने पंजाब की 15 तेजाब हमलों की पीड़ित महिलाओं के साथ फिल्म देखी। पीड़ित महिलाओं से बात करने के बाद मंत्री ने कहा, ' मैं इनके हौसले को सलाम करती हूं।'

यह स्क्रीनिंग इसलिए भी महत्वपूर्ण रही, क्योंकि पूरे देश में इस फिल्म को लेकर माहौल गर्माया हुआ है। नकाबपोश लोगों के हमले में घायल हुईं जेएनयू स्टूडेंट यूनियन की अध्यक्ष आइशी घोष का हाल जानने के लिए फिल्म अभिनेत्री दीपिका पादुकोण के यूनिवर्सिटी में जाने से विवाद खड़ा हो गया था। एक ओर भाजपा समर्थक दीपिका की फिल्म का बहिष्कार करने के लिए सोशल मीडिया पर मुहिम चलाए हुए हैं, वहीं कांग्रेस शासित कुछ राज्यों में फिल्म को टैक्स फ्री कर दिया गया है।

पंजाब सरकार ने इसे टैक्स फ्री तो नहीं किया, लेकिन तेजाब हमले की पीड़ित महिलाओं के लिए विशेष स्क्रीनिंग करवाई गई। मंत्री ने न केवल पीड़ित महिलाओं के साथ बैठकर फिल्म देखी, बल्कि उनके साथ खुलकर बातचीत भी की।

40 में से 11 मामलों में हुई सजा

अरुणा चौधरी ने कहा कि तेजाब हमले की पीड़ित महिलाओं की कठिनाइयों भरी जिंदगी देखकर वह उनके हौसले को सलाम करती हैं। पंजाब सरकार सार्वजनिक स्थानों को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाने के लिए हर जरूरी कदम उठा रही है। मंत्री ने बताया कि तेजाब हमलों से संबंधित पंजाब में 40 केस दर्ज हैं। इनमें से 11 मामलों में सजा सुनाई गई है। पीड़ित महिलाओं को आठ हजार रुपये प्रति माह पेंशन दी जाती है। मंत्री ने बताया कि गृह विभाग की मौजूदा नीति के मुताबिक हर पीड़ित को तीन लाख रुपये देने की व्यवस्था है और अब तक गृह विभाग की ओर से 40 पीड़ित महिलाओं को 83 लाख रुपये मुआवजे के तौर पर दिए हैं। 

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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