राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब के सभी गांवों के लोगों को बड़ी राहत देते हुए मंत्रिमंडल ने आज सभी ग्रामीण जलापूर्ति स्कीमों के लिए 1 अक्तूबर, 2021 से मुफ्त बिजली मुहैया करवाने का फैसला किया है। यह फैसला मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की अध्यक्षता में आज सुबह सीएम आफिस में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान लिया गया।

मुख्यमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता के मुताबिक इस फैसले से राज्य के खजाने पर सालाना 440 करोड़ का बोझ पड़ेगा। इसी दौरान मंत्रिमंडल ने सभी ग्रामीण जलापूर्ति स्कीमों की सेवा दरों में 70 प्रतिशत की कटौती करने की मंजूरी दे दी है, जिससे गांवों में प्रत्येक घर के लिए यह दर प्रति माह 166 रुपये से घटकर 50 रुपये हो गई है।

मीटिंग में ग्रामीण जलापूर्ति स्कीमों के बिजली बिलों के 1168 करोड़ रुपये के बकाये का निपटारा करने के लिए बजटीय सहायता/अनुदान के द्वारा फंड मुहैया करवाने का फैसला भी किया गया।

शहरी इलाकों में रह रहे लोगों को भी बड़ी राहत देते हुए मंत्रिमंडल ने नगर कौंसिलों /नगर पंचायतों और नगर निगमों में 125 गज से अधिक के प्लाट वाले सभी वर्गों के घरेलू कनेक्शनों के लिए पानी की प्रयोग दर घटाकर 50 रुपये प्रति माह करने का फैसला किया है। बता दें, शहरी इलाकों में 125 गज तक के प्लाट वालों को पानी और सीवरेज की दरों की अदायगी करने से पहले ही छूट दी जा चुकी है। इन रियायतों से शहरी इलाकों में 25 लाख परिवारों को लाभ पहुंचेगा। सी तरह मंत्रिमंडल ने शहरों में घरेलू कनेक्शनों के लिए जलापूर्ति और सीवरेज दरों के बकाये भी माफ करने का फैसला किया है। इस फैसले से सरकार के खजाने पर लगभग 700 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा।

ग्रुप-डी के मुलाजिमों की भर्ती रेगुलर आधार पर करने के लिए हरी झंडी

एक अन्य अहम फैसले में मंत्रिमंडल ने ग्रुप-डी के मुलाजिमों की भर्ती रेगुलर आधार पर करने के लिए हरी झंडी दे दी है, जिससे उनकी सुरक्षित नौकरी होने की काफी देर की मांग पूरी हो जाएगी। सरकार ने पंजाब लोक सेवा आयोग के चेयरमैन की नियुक्ति के लिए सिफारिश राज्यपाल को भेज दी है। मंत्रिमंडल ने जगबंस सिंह को पंजाब लोक सेवा आयोग का नया चेयरमैन नियुक्त करने के लिए सिफारिश राज्यपाल को भेजने की मंजूरी दे दी।

Edited By: Kamlesh Bhatt