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पंजाब को वीबी-जी राम जी योजना के तहत मिले 13320000000, पहली किस्त में केंद्र ने जारी किए 440 करोड़ रुपये

By Rohit KumarEdited By: Prince Sharma
Published: Wed, 12 Aug 2026 09:53 AM (IST)

पंजाब को नई वीबी-जी राम जी योजना के तहत 2026-27 के लिए केंद्र से 1331.61 करोड़ रुपये आवंटित हुए हैं।

पंजाब को वीबी-जी राम जी योजना के तहत मिले 1332 करोड़ (फाइल फोटो)

पंजाब को वीबी-जी राम जी योजना के तहत मिले 1332 करोड़ (फाइल फोटो)


HighLights

  1. पंजाब को वीबी-जी राम जी योजना के तहत 1331.61 करोड़ आवंटित

  2. केंद्र ने योजना की 439.8 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की

  3. योजना 1 जुलाई 2026 से पंजाब में लागू, 60:40 खर्च अनुपात

रोहित कुमार, चंडीगढ़। पंजाब में नई विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जी राम जी) योजना लागू होने के बाद केंद्र सरकार ने 2026-27 के लिए राज्य को 1,331.61 करोड़ रुपये का केंद्रीय हिस्सा आवंटित किया है। इसमें से 439.8 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी भी कर दी गई है।

यह जानकारी लोकसभा में केंद्र सरकार की ओर से दी गई। योजना एक जुलाई 2026 से पंजाब में लागू की गई है और यह वित्तीय वर्ष 31 मार्च 2027 तक चलेगा।

नई योजना के तहत केंद्र और राज्य के बीच खर्च का अनुपात 60:40 रखा गया है। ऐसे में केंद्र के 1,331.61 करोड़ रुपये के मुकाबले पंजाब सरकार को करीब 887.7 करोड़ रुपये अपने हिस्से से लगाने होंगे। दोनों हिस्सों को मिलाकर राज्य में योजना के तहत करीब 2,219 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध होने की संभावना है।

आगे की किस्तें कई मानकों पर निर्भर

केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि पहली किस्त के बाद आगे की राशि स्वत: जारी नहीं होगी। इसके लिए राज्य के स्वीकृत श्रम बजट, रोजगार की मांग, उपलब्ध राशि, पहले जारी फंड के उपयोग, लंबित देनदारियों, योजना के प्रदर्शन और जरूरी दस्तावेजों को आधार बनाया जाएगा। केंद्र ने राज्यों से पिछली वित्तीय वर्षों की लंबित देनदारियों के भुगतान के लिए भी प्रस्ताव भेजने को कहा है।

मनरेगा की 178.8 करोड़ की देनदारी निपटी

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने बताया कि पंजाब की पूर्ववर्ती मनरेगा योजना के तहत 2025-26 तक की 178.8 करोड़ रुपये की लंबित देनदारियां मंजूर कर दी गई हैं। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2026-27 में पांच अगस्त तक पंजाब को मनरेगा के तहत 246 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इसमें 167.9 करोड़ रुपये मजदूरी और 67.3 करोड़ रुपये सामग्री के लिए शामिल हैं।

केंद्र के अनुसार, 2025-26 में पंजाब में रोजगार की मांग करने वाले 99.7 प्रतिशत श्रमिकों को काम उपलब्ध कराया गया। राज्यों को पर्याप्त संख्या में काम पहले से तैयार रखने, कार्यों की योजना समय पर बनाने और श्रमिकों को उनके कानूनी अधिकारों के बारे में जागरूक करने की सलाह दी गई है।

दिसंबर में किया था विरोध, जुलाई में लागू की योजना

वीबी-जी राम जी को लेकर पंजाब सरकार ने पहले इसका कड़ा विरोध किया था। दिसंबर 2025 में पंजाब विधानसभा ने योजना के खिलाफ प्रस्ताव पारित कर इसे दलित विरोधी बताते हुए केंद्र से इसे वापस लेने और मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में बहाल करने की मांग की थी। राज्य सरकार ने 60:40 के वित्तीय अनुपात पर भी आपत्ति जताते हुए इसे राज्यों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ बताया था।

हालांकि, जुलाई 2026 में पंजाब सरकार ने अपना रुख बदलते हुए एक जुलाई से वीबी-जी राम जी को राज्य में लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी। विपक्षी दल सरकार के इस फैसले को विधानसभा में लिए गए पुराने रुख से यू-टर्न बता रहे हैं। फतेहगढ़ साहिब के सांसद डा. अमर सिंह ने लोकसभा में लंबित मजदूरी और सामग्री देनदारियों तथा श्रमिकों को योजना के तहत रोजगार उपलब्ध कराने से जुड़े सवाल उठाए थे।