धान खरीद से पहले पंजाब में भंडारण संकट, केंद्र से 21 लाख मीट्रिक टन अनाज उठाने की मांग; CM मान ने लिखा पत्र
पंजाब में धान की खरीद शुरू होने से पहले मंडियों और राइस मिलों में भंडारण की जगह की कमी का ...और पढ़ें
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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान। फाइल फोटो
रोहित कुमार, चंडीगढ़। पंजाब में धान की खरीद शुरू होने के साथ ही मंडियों और राइस मिलों में भंडारण की जगह की कमी का संकट खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रहलाद जोशी को पत्र लिखकर केंद्र से तत्काल 21 लाख मीट्रिक टन अनाज उठाने की मांग की है। इसमें एक से 10 अक्टूबर के बीच छह लाख मीट्रिक टन चावल और अक्टूबर महीने में 15 लाख मीट्रिक टन गेहूं उठाने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब 40 लाख मीट्रिक टन गेहूं को राइस मिलों और मंडी यार्डों में भंडारण के लिए रखा गया था। इसमें से करीब 17 लाख मीट्रिक टन गेहूं अभी भी वहीं पड़ा है। ऐसे में धान की आवक बढ़ने पर राइस मिलों और मंडियों में नई फसल रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं बचेगी। इससे किसानों को मंडियों में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है और खरीद व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
सितंबर में अपेक्षा से कम हुई लिफ्टिंग
मान सरकार ने सितंबर में ही केंद्र से चावल और गेहूं की लिफ्टिंग तेज करने की मांग की थी। मुख्यमंत्री के अनुसार एक से 29 सितंबर तक पंजाब से केवल 8.30 लाख मीट्रिक टन चावल और 4.30 लाख मीट्रिक टन गेहूं उठाया गया। जबकि राज्य में जून से हर महीने कम से कम 10 लाख मीट्रिक टन गेहूं और चावल की लिफ्टिंग की मांग की जा रही है।
आंकड़ों के अनुसार जून में 11.91 लाख मीट्रिक टन, जुलाई में 11.60 लाख मीट्रिक टन, अगस्त में 12.72 लाख मीट्रिक टन और सितंबर में 29 सितंबर तक 12.60 लाख मीट्रिक टन अनाज की लिफ्टिंग हुई।
छह लाख मीट्रिक टन चावल की डिलीवरी भी बाकी
मुख्यमंत्री ने पत्र में बताया कि खरीफ मंडीकरण सीजन 2025-26 के लिए निर्धारित 105.64 लाख मीट्रिक टन कस्टम मिल्ड राइस में से 29 सितंबर तक 99.50 लाख मीट्रिक टन यानी 94 प्रतिशत चावल ही एफसीआई को डिलीवर हो सका है। करीब छह लाख मीट्रिक टन चावल की डिलीवरी अभी बाकी है।
मान ने कहा कि धान की आवक 10 अक्टूबर के आसपास चरम पर पहुंच सकती है।
ऐसे में लंबित चावल की डिलीवरी और राइस मिलों व मंडी यार्डों में पड़े गेहूं की लिफ्टिंग तत्काल जरूरी है। जगह की कमी के कारण राइस मिलर धान के भंडारण और मिलिंग से पीछे हटे तो इसका सीधा असर खरीद प्रक्रिया पर पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने केंद्र से एफसीआई अधिकारियों को तत्काल निर्देश जारी करने का आग्रह किया है।
