विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

पंजाब चुनाव 2027: शिअद की चुनावी तैयारी तेज, घोषणा पत्र के लिए 9 सदस्यीय समिति गठित; हर वर्ग से लेगा सुझाव

Published: Sun, 13 Sep 2026 06:34 PM (IST)

शिरोमणि अकाली दल ने 2027 पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए नौ सदस्यीय घोषणा पत्र समिति का गठन किया है। यह ...और पढ़ें

पंजाब चुनाव 2027: शिअद की चुनावी तैयारी तेज। फोटो जागरण

पंजाब चुनाव 2027: शिअद की चुनावी तैयारी तेज। फोटो जागरण


HighLights

  1. शिअद ने 2027 पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए समिति गठित की।

  2. नौ सदस्यीय समिति विभिन्न वर्गों से सुझाव एकत्र करेगी।

  3. बलविंदर सिंह भुंडड़ को समिति का चेयरमैन बनाया गया।

रोहित कुमार, चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर शिरोमणि अकाली दल ने अपनी चुनावी तैयारी तेज कर दी है। पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने रविवार को नौ सदस्यीय घोषणा पत्र समिति का गठन किया। समिति प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर किसानों, मजदूरों, व्यापारियों, उद्योगपतियों, युवाओं, महिलाओं और कर्मचारियों समेत विभिन्न वर्गों से बातचीत करेगी।

वरिष्ठ अकाली नेता बलविंदर सिंह भुंडड़ को समिति का चेयरमैन बनाया गया है, जबकि डा. दलजीत सिंह चीमा को सदस्य सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। समिति में गुलजार सिंह रानिके, हीरा सिंह गाबड़िया, महेश इंदर सिंह ग्रेवाल, बिक्रम सिंह मजीठिया, सिकंदर सिंह मलूका, सोहन सिंह ठंडल और हरचरण सिंह बैंस को सदस्य बनाया गया है।

लोगों से सीधे करेंगे बाचतीच 

पार्टी के विभिन्न विंगों के अध्यक्ष समिति में विशेष आमंत्रित सदस्य होंगे। इनमें युवा, महिला, व्यापार एवं उद्योग, कानूनी, एसओआई, कर्मचारी, पूर्व सैनिक और अल्पसंख्यक विंग शामिल हैं। समिति पंजाब के अलग-अलग क्षेत्रों का दौरा कर लोगों से सीधे बातचीत करेगी।

इस दौरान विभिन्न वर्गों की समस्याओं, सरकार से अपेक्षाओं और भविष्य की प्राथमिकताओं को समझने का प्रयास किया जाएगा। पार्टी का कहना है कि लोगों से मिलने वाले सुझावों को 2027 के विधानसभा चुनाव के घोषणा पत्र में शामिल किया जाएगा।

विधानसभा हलका स्तर पर प्रदर्शन का एलान

शिअद की ओर से समिति का गठन ऐसे समय किया गया है जब पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव के लिए संगठन और राजनीतिक मुद्दों को लेकर अपनी रणनीति तैयार कर रही है। बिजली कटौती और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर पार्टी सरकार को घेरने की तैयारी कर रही है। 16 सितंबर को बिजली कटौती के खिलाफ विधानसभा हलका स्तर पर प्रदर्शन का एलान भी इसी राजनीतिक सक्रियता का हिस्सा माना जा रहा है।