सचिन पायलट की मौजूदगी में पंजाब कांग्रेस एकजुट, गैरमौजूदगी में दिखी गुटबाजी; चंडीगढ़ प्रदर्शन में गायब रहे चन्नी
पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान फिर सामने आई है, जहां सचिन पायलट की गैरमौजूदगी में हुए प्रदर्शन में पूर्व सीएम चन्नी और नेता प्रतिपक्ष बाजवा जैसे वरिष्ठ नेता अनुपस्थित रहे।
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सचिन पायलट की गैरमौजूदगी में पंजाब कांग्रेस में दिखी गुटबाजी। फोटो जागरण
HighLights
पायलट की उपस्थिति में पंजाब कांग्रेस में दिखी थी एकजुटता।
उनकी गैरमौजूदगी में चन्नी-बाजवा जैसे नेता प्रदर्शन से रहे गायब।
पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी पर फिर उठे गंभीर सवाल।
डॉ. सुमित सिंह श्योराण, चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान खत्म होने के बजाय समय-समय पर फिर सामने आती दिख रही है। सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस का प्रभारी बनाए जाने के बाद पार्टी के कई वरिष्ठ नेता एक मंच पर नजर आए थे।
बीते 15 से सितंबर को चंडीगढ़ स्थित पंजाब कांग्रेस भवन में पंजाब सरकार के खिलाफ रोज प्रदर्शन में पायलट की मौजूदगी में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग समेत अलग-अलग गुटों के नेताओं की एकजुट तस्वीर सामने आई थी। इससे पार्टी में एकता का संदेश गया था।
प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए चन्नी
हालांकि शुक्रवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चंडीगढ़ में हुए कांग्रेस के प्रदर्शन में एक बार फिर अलग तस्वीर दिखाई दी। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा समेत कुछ नेता प्रदर्शन में नजर नहीं आए। राजा वड़िंग ने जरूर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की कोशिश की और प्रदर्शन की अगुवाई की।
इसके बाद पार्टी के भीतर यह चर्चा फिर तेज हो गई कि क्या सचिन पायलट की मौजूदगी में ही पंजाब कांग्रेस के अलग-अलग गुट एक मंच पर दिखाई देंगे?
पायलट के चंडीगढ़ दौरे के दौरान चन्नी, वड़िंग, प्रताप सिंह बाजवा और अन्य वरिष्ठ नेताओं की साथ मौजूदगी को पार्टी की एकजुटता के संकेत के तौर पर देखा गया था। लेकिन पायलट की गैरमौजूदगी में हुए प्रदर्शन में वरिष्ठ नेताओं की अनुपस्थिति ने पुराने मतभेदों की चर्चा को फिर हवा दे दी।
तबीयत खराब होने का हवाला दिया गया
हालांकि, गैरमौजूद नेताओं की ओर से तबीयत खराब होने और पहले से तय कार्यक्रमों का हवाला दिया गया। कुछ नेता प्रदर्शन में पहुंचे भी, लेकिन बाद में वहां से चले गए। कांग्रेस विधायक ने भी पार्टी में मतभेदों की चर्चा पर कहा कि नेताओं के बीच गिले-शिकवे हो सकते हैं, लेकिन इन्हें दूर किया जाएगा।
उनका कहना है कि पायलट की अगुवाई में कांग्रेस नेता एकजुट होकर पंजाब के मुद्दों पर संघर्ष करेंगे। अब नजर इस बात पर है कि पायलट किस तरह अलग-अलग गुटों को एक मंच पर लाते हैं। आगामी 29 सितंबर को नई दिल्ली में कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक होने जा रही है अब देखना यह है कि क्या पंजाब कांग्रेस के सभी नेता उस बैठक में हिस्सा लेंगे।
