चंडीगढ़, [कैलाश नाथ]। Punjab Congress Strife: पंजाब कांग्रेस में अंतर्कलह पर पार्टी ने भले ही दिल्‍ली में सुनवाई कर ली, लेकिन यह थमने का नाम नहीं ले रही है। इस मामले में वैसे हाई कमान अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं ले पाया है। इस बीच पार्टी की कलह पंजाब की सड़कों तक पहुंच गया है और पोस्‍टर वार शुरू हो गया है। नवजोत सिंह सिद्धू के दो साल पहले कैप्‍टन अमरिंदर सिंह के बारे में दिए गए चर्चि बयान 'कौन कैप्‍टन' का जवाब अब 'कैप्‍टन एक ही होता है' से दिया जा रहा है।

पंजाब कांग्रेस की अंतर्कलह सड़काें पर आई, कैप्‍टन के पक्ष में पोस्‍टर व बैनर लगाए जा रहे हैं

राज्य में विभिन्न सड़कों पर कांग्रेस नेताओं की ओर से मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के पक्ष में होर्डिंग व बैनर लग रहे हैं। इनमें लिखा जा रहा है 'कैप्टन एक ही होता है।' राज्य की सड़कों पर लगे होर्डिंग पार्टी हाईकमान को कहीं न कहीं यह इशारा कर रहे हैं कि अगर इस समय अनुकूल फैसला न लिया गया तो उच्च स्तर के नेताओं के बीच चल रही लड़ाई जिला स्तर तक पहुंच सकती है।

कैप्‍टन अमरिंदर सिंह के समर्थन में लगाई गई होर्डिंग।

नवजोत सिंह सिद्धू के डिप्टी सीएम बनने की सुगबुगाहट के बीच दिया नारा, 'कैप्टन एक ही होता है'

पंजाब के कांग्रेस नेताओं में अंतर्कलह को शांत करने के लिए कांग्रेस हाईकमान ने तीन सदस्यीय केंद्रीय कमेटी का गठन किया था। कमेटी ने अब तक सोनिया गांधी को अपनी रिपोर्ट नहीं सौंपी है। अब इससे पहले ही यह संकेत मिलने लगे हैं कि कांग्रेस हाईकमान नवजोत सिंह सिद्धू को उप मुख्यमंत्री के रूप में एडजस्ट करना चाहती है। अहम पहलू यह है कि कांग्रेस में अंतर्कलह के केंद्र में सरकार में उप मुख्यमंत्री बनाने या पार्टी में एडजस्टमेंट का कोई मुद्दा नहीं था। परंतु, इसे शांत करने के लिए पार्टी नेता कांग्रेस में सोशल इंजीनियरिंग व सरकार में एडजस्टमेंट की नीति बना रही है।

नवजोत सिद्धू को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने के संकेत के साथ ही कांग्रेस में खलबली मची हुई है। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री के समर्थकों ने राज्य के सड़कों व गलियों में होर्डिंग व पोस्टर लगाने शुरू कर दिए है। पार्टी सूत्र बताते हैं कि मुख्यमंत्री के करीबियों ने अब फील्ड में ही यह माहौल बनाना शुरू कर दिया है कि 2022 का चुनाव मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के ही नेतृत्व में लड़ा जाएगा।

कैप्‍टन अमरिंदर सिंह के समर्थन में लगाया गया बैनर।

बता दें कि 2019 में पूर्व नवजोत सिंह सिद्धू ने हैदराबाद में एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा था 'कौन कैप्टन, कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब के कैप्टन हैं। मेरे कैप्टन तो राहुल गांधी हैं।' अब पंजाब की गलियों में इसी थीम पर होर्डिंग लगाई जा रही है कि कैप्टन एक ही होता है।

पार्टी सूत्रों के अनुसार भले ही पार्टी हाईकमान अपनी जिद में सिद्धू को सरकार में एडजस्ट कर दे लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेता इसे स्वीकार करेंगे, इसकी संभावना बहुत कम है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने तो यहां तक कहा कि इस फार्मूले से भविष्य का कोई रोडमैप तैयार नहीं हो सकता।, क्योंकि सिद्धू और कैप्टन के बीच पहले ही काफी विवाद हैं। कैप्टन तो सिद्धू को उनके खिलाफ पटियाला से चुनाव लड़ने की चुनौती भी दे चुके हैं। ऐसे में अगर पार्टी हाईकमान के दबाव में उन्हें कैबिनेट में एडजस्ट किया जाता है तो दिखावे के लिए भले ही हाथ मिल जाए लेकिन दिल कभी भी नहीं मिल पाएंगे।