जेएनएन, चंडीगढ़। एसवाइएल मामले पर पंजाब में राजनीति गरमाने के साथ अकाली दल और कांग्रेस में एक-दूसरे पर खुद को अधिक सक्रिय दिखाने की होड़ लग गई है। मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल द्वारा राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मिलने के लिए समय मांगने के बाद कांग्रेस ने भी कदम बढ़ाया है। प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में पार्टी का प्रतिनिधिमंडल वीरवार को राष्ट्रपति से मिलेगा।

पंजाब कांग्रेस के एक प्रवक्ता ने यहां कहा कि पार्टी का प्रतिनिधिमंडल कैप्टन अमरिंदर सिंह की अगुवाई में राष्ट्रपति से मिलकर एसवाइएल नहर मामले पर हस्तक्षेप करने का अनुरोध करेगा। पार्टी राष्ट्रपति से एसवाइएल पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई राय को खारिज करने की गुहार भी राष्ट्रपति से करेगा।

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पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि एसवाइएल पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर यदि राष्ट्रपति की मुहर लग गई ताे पंजाब में माहौल बेहद खराब हो जाएगी अौर इसे संभालना मुश्किल हो जाएगा। इस फैसले काे लागू करना पंजाब के लोगों पर बहुत बड़ा अन्याय होगा। इससे भी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति को अवगत कराएगा। इस संबंध राष्ट्रपति को विस्तृत ज्ञापन भी दिया जाएगा। इसमें पानी को लेकर राज्य में स्थिति के बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी।

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उन्होंने कहा कि पंजाब से एसवाइएल नहर से दूसरे राज्य को पानी देने से राज्य के किसान बर्बाद हो जाएंगे। खासकर राज्य के मालवा क्षेत्र के किसान तो तबाह हो जाएंगे। ऐसे में एसवाइएल नहर से हरियाणा को पानी देने पर उनके आक्रोश को थामने बहुत मुश्किल हो जाएगा।

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Posted By: Sunil Kumar Jha

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