चंडीगढ़ [कैलाश नाथ]। कांग्रेस के टिकट बंटवारे के बाद कलह बढ़ती जा रही है। आधा दर्जन से ज्यादा सीटों पर कांग्रेस के मंत्री व नेता अपने ही उम्मीदवारों के खिलाफ उतर गए हैं। बेटों के लिए टिकट मांगी जा रही है। वहीं, मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के भांजे के खिलाफ ईडी ने कार्रवाई को कांग्रेस पंजाब और पंजाबियत से जोड़कर कैश करने में जुट गई है। कांग्रेस के ताजा हालात पर हमारे विशेष संवाददाता ने पार्टी के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी से बातचीत की। पेश हैं प्रमुख अंश:-

कांग्रेस की दूसरी लिस्ट का बड़ी बेसब्री से इंतजार हो रहा है, कब तक आएगी?

अभी दो दिन लग सकते हैं। इस पर विचार चल रहा है।

पहली लिस्ट के आने के बाद हो रहे विरोध के कारण इसमें देरी की जा रही है?

नहीं, ऐसा नहीं है। पार्टी की अपनी रणनीति है। हम कई चीजों पर मंथन कर रहे हैं।

चार विधायक एक मंत्री के खिलाफ पत्र लिखते हैं, एक मंत्री बटाला में शक्ति प्रदर्शन करते हैं, पार्टी इसे कैसे देख रही है?

राणा गुरजीत सिंह सुल्तानपुर लोधी से अपने बेटे के लिए टिकट मांग रहे थे। तृप्त राजिंदर बाजवा की स्थिति भी ऐसी ही है। टिकट मांगना उनका अधिकार है, लेकिन टिकट देने या न देने का फैसला तो पार्टी को ही करना है। आप किसी को भी टिकट मांगने से नहीं रोक सकते। अंतिम फैसला तो इलेक्शन कमेटी ने ही करना है।

इससे पार्टी को विधानसभा में नुकसान नहीं होगा?

यह सारी दूसरे दौर की हैं। हमारे पास कई प्रकार के विकल्प हैं। सभी वरिष्ठ नेता हैं। सबका लक्ष्य पंजाब में दोबारा कांग्रेस की सरकार को बनाना ही है। हम बात करेंगे। इसके अलावा हमारे पास कार्रवाई का रास्ता भी खुला है, लेकिन उम्मीद है सब ठीक हो जाएगा।

विधायक कह रहे है कि राणा गुरजीत को क्लीन चिट नहीं मिली थी, जबकि पार्टी कहती रही है कि उन्हें क्लीन चिट मिल गई थी?

विधायकों ने चिट्ठी जरूर लिखी है लेकिन यह आरोप सरासर निराधार है।

आपके विधायक ही कह रहे है?

मैने कहा न, यह निराधार आरोप है। विधायकों ने अपनी बात पार्टी अध्यक्ष को लिख दी है।

मुख्यमंत्री के भांजे पर अवैध रेत खनन को लेकर ईडी ने रेड की, इसे आप कैसे देखते है?

आज मुख्यमंत्री के खिलाफ कई ताकतें एकजुट हो गई हैं, जिनसे यह बर्दाश्त नहीं हो पाया कि मुख्यमंत्री ने रेत कैसे सस्ती कर दी। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी पहले ही कह चुके हैं कि बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ कार्रवाई करने पर यह ताकतें इकट्ठा हुई हैं, जिनमें कैप्टन अमरिंदर सिंह भी शामिल हैं। उन्हें चरणजीत सिंह चन्नी बर्दाश्त नहीं हो पा रहे हैं।

लेकिन यह तो विशुद्ध रूप से भ्रष्टाचार का मामला है?

आपको नीयत और समय दोनों को ध्यान में रखना पड़ेगा। केंद्र सरकार की नीयत कांग्रेस को बदनाम करने की है और समय भी तब चुना गया, जब चुनाव की घोषणा हो चुकी है। इससे ही बहुत कुछ स्पष्ट हो जाता है। चन्नी ने रेत को सस्ता करने के लिए जो प्रयास किए, वह कुछ लोगों को पच नहीं रहे हैं। वहीं, सारी साजिश रच रहे हैं।

आपने इस संबंध में सोनिया गांधी से भी मुलाकात की?

चुनाव चल रहे है। वह हमारी पार्टी की अध्यक्ष हैं। हमें कई प्रकार के फीडबैक देने होते हैं। चर्चा करनी होती है। चुनाव की रणनीति बनानी होती है। जिसे हम सार्वजनिक मंच पर तो नहीं कर सकते है। यह पार्टी का अंदरूनी मामला है।

Edited By: Kamlesh Bhatt