राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने लुधियाना बम ब्लास्ट मामले में केंद्र से सहायता मांगी है। उन्होंने कहा कि उनकी इस बारे में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बात हो गई है। आज केंद्रीय गृह मंत्रालय से टीम यहां पर पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि आरडीएक्स जैसे विस्फोटक पदार्थों की जांच के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय की टीमों के पास ही पुख्ता साजोसामान है।

चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत में कपूरथला में हुई बेअदबी की घटना पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बेअदबी की घटना नहीं लगती। हम आज किसी न किसी नतीजे पर पहुंच जाएंगे और उसके अनुसार ही फिर केस संशोधित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बिक्रम मजीठिया पर दर्ज ड्रग्स के केस को सही बताते हुए कहा कि यह एसटीएफ की रिपोर्ट के अनुसार ही दर्ज किया गया है।

उन्होंने कहा कि पिछली अकाली भाजपा सरकार के दौरान यह मामला सामने आया था लेकिन बिक्रम मजीठिया के संबंध मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के साथ होने के कारण उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई और हम पर भी कार्यवाही न करने के सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज हमने जब उन पर केस दर्ज कर दिया है और वह भागे भागे फिर रहे हैं ।ऐसे में हमने यह साबित कर दिया है कि हम गरीब हो सकते हैं लेकिन कमजोर नहीं।

इस मामले में आम आदमी पार्टी को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जब बिक्रम मजीठिया के ड्रग्स में शामिल होने के आरोप लगाए थे तो मजीठिया की ओर से एक दबका मारने पर ही उन्होंने माफी मांग ली। हालांकि उनकी पार्टी के कई विधायक यह कहते रहे कि केजरीवाल ने माफी मांग कर हमें शर्मिंदा किया है। उन्होंने कहा कि भगवंत मान के अलावा किसी भी नेता ने यह नहीं कहा कि अरविंद केजरीवाल ने माफी मांग कर सही किया है।

चन्नी ने कहा कि भगवंत मान को आज यह स्पष्ट करना चाहिए कि आज उनका केजरीवाल के माफीनामे को लेकर क्या स्टैंड है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ सालों से ड्रग्स माफिया के बढ़ने से हमारी युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है, लेकिन बड़ी मछलियों को पकड़ने की हिम्मत किसी ने भी नहीं दिखाई।

उन्होंने बताया कि पिछले साढे चार सालों में 51 हजार से ज्यादा केस दर्ज करके 66000 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन यह सभी वह हैं जो या तो ड्रग माफिया से गुमराह होकर नशे का सेवन करते थे या फिर छोटे-मोटे नशीले पदार्थों के पैकेट को इधर-उधर पहुंचाते थे। उन्होंने कहा कि असली काम बड़े तस्करों को पकड़कर अंदर करना है और हमने इसकी शुरुआत कर दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए टांगों में जान होनी जरूरी है। यह काम सिर पर कफन बांधकर ही हो सकता है और हम यह कर रहे हैं।

सीएम ने कहा कि उनकी कल किसान संगठनों के साथ बातचीत हुई है। उन्होंने बैठक में हुए फैसलों को लागू करने की घोषणा की। कहा कि किसानों के दो लाख रुपये का कर्ज माफ किया जाएगा। पैसे किसानों के खाते में जारी होंगे। सीएम ने बताया कि पंजाब सरकार ने जनरल कैटेगरी कमीशन बनाने का फैसला लिया है और ये कैबिनेट में पास हो गया है। मोटर व्हीकल टैक्स एक्ट में मिनी बस और टैक्सियों का 31 दिसंबर 2021 तक का टैक्स माफ कर दिया गया है। 

बता दें, चन्नी की अध्यक्षता में गत दिवस हुई पंजाब कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसलों पर मोहर लगी। कैबिनेट ने पंजाब स्माल इंडस्ट्रीज एंड एक्सपोर्ट कारपोरेशन (पीएसआईईसी) व पंजाब इनफोटैक की तरफ से विकसित किए अलग-अलग फोकल प्वाइंटों में स्थित औद्योगिक प्लाटों की मूल लागत के पुराने डिफाल्टरों के लिए एकमुश्त स्कीम लाने की मंजूरी दे दी है। इस स्कीम के अंतर्गत डिफाल्टर अलाटियों को जुर्माना ब्याज के 100 फ़ीसद हिस्से छूट और आम ब्याज के 25 फ़ीसद हिस्से छूट या प्लाट धारक की तरफ से चुने अनुसार प्लाट की मौजूदा आरक्षित कीमत (एडजस्ट करने के बाद पहले से भुगतान की रकम) तक प्राप्त करके पीएसआइईसी /पंजाब इनफोटैक के लंबे समय से पड़े बकाये का भुगतान करने का मौका दिया गया है। प्लाट धारक को इस स्कीम के अधीन 31 मार्च, 2022 को या इससे पहले अपने बकाए जमा करवाना है होंगे।

औद्योगिक अस्टेट के डिफालटर प्लाट धारकों के लिए एकमुश्त स्कीम को मंज़ूरीउद्यमियों को पहले ही अलाट किये गए औद्योगिक प्लाटों /शैड्डों के निर्विघ्न प्रयोग करने के लिए मंत्रिमंडल ने आज फिर बहाली, तबादले और औद्योगिक प्लाटों /शैड्डों की फ्री होल्ड में तबदीली के लिए एकमुश्त (ओटीएस) स्कीम को मंजूरी दे दी है। यह स्कीम औद्योगिक अस्टेट में प्लाटों और शैड्डों के अलाटियों पर लागू होगी जिसमें उद्योग और वाणिज्य विभाग की तरफ से शाप-कम-फ्लैट (एससीएफ) जैसी व्यापारिक अलाटमेंट भी शामिल हैं।

इसके साथ ही मंत्रिमंडल ने अलग-अलग फोकल प्वाइंटों के डिफालटर प्लाट धारकों के लिए माफी स्कीम के अंतर्गत प्लाटों की बढ़ी हुई कीमत जमा करवाने के लिए समय सीमा 30 सितंबर, 2021 से बढ़ा कर 31 मार्च, 2022 तक करने को मंजूरी दे दी है। इसी तरह मंत्रिमंडल ने ब्याज दर को 15 प्रतिशत से घटा कर 8.5 प्रतिशत प्रति सालाना (मिश्रित) करने का भी फ़ैसला लिया है।

पंजाब कैबिनेट ने गैर-आरक्षित श्रेणियों के लिए पंजाब राज्य सामान्य वर्ग आयोग की स्थापना को भी मंजूरी दे दी है। यह आयोग गैर-आरक्षित वर्गों के हितों की रक्षा करने के साथ-साथ इन वर्गों के गरीबों के लाभ के लिए अलग-अलग भलाई स्कीमों को प्रभावशाली ढंग से लागू करेगा। कैबिनेट ने स्टेज कैरेज बसों (बड़ी और मिनी बसें) और 16 से कम सीटों वाले कंट्रैक्ट कैरेज वाहनों को मोटर व्हीकल टैक्स से छूट देने के लिए भी हरी झंडी दे दी है। इससे कोविड-19 महामारी के दौरान हुए भारी वित्तीय नुकसान से परिवहन क्षेत्र को राहत मिलेगी।

Edited By: Kamlesh Bhatt