जागरण संवाददाता, चंडीगढ़ : चंडीगढ़ में पहले की तरह पंजाब सिविल सर्विस रूल्स ही लागू रहेंगे। मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। अब इन नियमों के मुताबिक चंडीगढ़ में भी इंप्लाइज की रिटायरमेंट ऐज 58 ही रहेगी। इसके बाद मिलने वाली दो साल की एक्सटेंशन आगे से किसी इंप्लाइज को नहीं मिलेगी। पंजाब सर्विस रूल्स लागू होने से 31 मार्च को पहली खेप में 241 इंप्लाइज रिटायर हो जाएंगे। जबकि सितंबर में दूसरी खेप के अंदर 300 इंप्लाइज रिटायर होंगे। इससे पहले पंजाब ने बजट सत्र के दौरान इंप्लाइज को एक्सटेंशन नहीं देने का फैसला लिया था। इस फैसले के पीछे दो वजह बताई गई थी एक तो इससे युवाओं को नौकरी का अवसर मिलेगा। वहीं पंजाब सरकार पर रिटायरमेंट के बाद दो साल एक्सटेंशन से पडने वाला वित्तीय बोझ भी कम हो जाएगा। अब इन्हीं आदेशों से चंडीगढ़ पर भी असर पडे़गा। इससे पहले चंडीगढ़ ने पंजाब सर्विस रूल्स और केंद्र सरकार के रूल्स लागू करने के दोनों विकल्प एमएचए को भेजे थे। जिसमें दोनों से चंडीगढ़ पर पड़ने वाले प्रभाव की जानकारी दी गई थी। चंडीगढ़ की कई इंप्लाइज यूनियनें भी सेंट्रल सर्विस रूल्स लागू करने की माग कर रही थी। केंद्र सरकार के इस फैसले से उन्हें निराशा मिलेगी। टल सकता है रिटायरमेंट का फैसला

अब चंडीगढ़ में पंजाब सिविल सर्विस रूल्स ही लागू रहेंगे। हालाकि पंजाब सरकार कोरोना को देखते हुए इंप्लाइज की ट्रासफर फिलहाल टल सकती है। पंजाब सरकार भी इसे आगे बढ़ाने पर चर्चा कर रही है। अगर इंप्लाइज 31 मार्च को ही रिटायर होते हैं तो प्रशासन की मुश्किल बढ़ सकती है। प्रशासन का फैसला, एक माह तक कोई भी स्कूल नहीं वसूलेगा फीस

उधर, प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने स्कूल स्टूडेंट्स के अभिभावकों को रियायत दी है। प्रशासक ने बैठक में फैसला लिया कि शहर का कोई भी सरकारी और प्राइवेट स्कूल पेरेंट्स से एक माह तक फीस नहीं लेगा। शहर के सभी प्राइवेट और सरकारी स्कूलों की सेशन 2020-2021 की फीस स्कूलों के पुन: संचालन के एक माह बाद जमा करवानी होगी। प्रशासक द्वारा यह फैसला कोरोना वायरस के चलते 21 दिन के लॉकडाउन को ध्यान में रखते हुए लिया। लेकिन इस दौरान भी कई स्कूल प्रशासन पेरेंट्स को मैसेज भेज कर स्कूल फीस जमा करवाने के लिए विवश कर रहे हैं। स्कूल प्रशासन द्वारा पेरेंट्स को 10 अप्रैल तक फीस जमा करवाने के लिए बोल रहे हैं। इस बात की शिकायत चंडीगढ़ पेरेंट्स एसोसिएशन ने प्रशासन को की है। अब अगर कोई भी स्कूल नियम का उल्लंघन करता पाया जाता है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही शिक्षा विभाग को भी यह निर्देश दिए गए हैं कि वह सभी प्राइवेट और सरकारी स्कूल इस बात के लिए एक नोटिफिकेशन जारी करें। ऐसा नहीं करने पर मान्यता रद भी हो सकती है। प्रशासन के आदेश के अनुसार हम सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों को नोटिफिकेशन जारी कर इस विषय में जानकारी दे देंगे। अगर उसके बाद कोई भी स्कूल प्रशासन पेरेंट्स से फीस मागता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

-अलका मेहता, जिला शिक्षा अधिकारी

Posted By: Jagran

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