पंजाब में दिव्यांग बच्चों की माताओं को 18 साल बाद भी मिलेगी चाइल्ड केयर लीव की सुविधा, सीसीएल नियम बदले
पंजाब सरकार ने 100% दिव्यांग बच्चों की माताओं के लिए चाइल्ड केयर लीव (सीसीएल) नियमों में बदलाव किया है।

पंजाब मुख्यमंत्री भगवंत मान (जागरण फोटो)
HighLights
पंजाब सरकार ने चाइल्ड केयर लीव नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए।
100% दिव्यांग बच्चों की माताओं को अब मिलेगी विशेष सुविधा।
बच्चे के 18 वर्ष बाद भी सीसीएल का लाभ मिलेगा।
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने महिला कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए 100 प्रतिशत दिव्यांग बच्चों की माताओं के लिए चाइल्ड केयर लीव (सीसीएल) के नियमों में अहम बदलाव किया है।
अब चार गंभीर स्थितियों से पीड़ित 100 प्रतिशत दिव्यांग बच्चों की माताओं को बच्चे की उम्र 18 वर्ष पूरी होने के बाद भी सीसीएल का लाभ मिल सकेगा। इस संबंध में पर्सोनल विभाग ने सभी विभाग प्रमुखों और संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
नए प्रावधान के तहत सेरेब्रल पाल्सी, ऑटिज्म, इंटेलेक्चुअल डिसएबिलिटी और मल्टीपल डिसएबिलिटी से पीड़ित 100 प्रतिशत दिव्यांग बच्चों की माताओं के लिए 18 वर्ष की आयु की सीमा खत्म कर दी गई है। यानी बच्चे के 18 वर्ष के होने के बाद भी महिला कर्मचारी उसकी देखभाल के लिए सीसीएल ले सकेगी।
अब तक 18 वर्ष की आयु के बाद इस श्रेणी के बच्चों की देखभाल के लिए सीसीएल का प्रावधान नहीं था। नए आदेश से विशेष जरूरत वाले बच्चों की माताओं को कार्य और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच बेहतर संतुलन बनाने में मदद मिलेगी।
यह प्रावधान पंजाब सरकार के विभागों के साथ शैक्षणिक संस्थानों, बोर्ड, कारपोरेशन और अन्य संबंधित संस्थानों में कार्यरत महिला कर्मचारियों पर भी लागू होगा। हरियाणा सरकार पहले ही अपनी महिला कर्मचारियों को इस तरह की सुविधा दे रही है।
