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जेएनएन, चंडीगढ़। मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह की अध्‍यक्षता में आज राज्‍य कैबिनेट की बैठक होगी। इस बैठक में पकोका (पंजाब कंट्रोल ऑफ आर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट) सहित कई मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। राज्‍य सरकार ने संगठित अपराध के गठजोड़ को तोड़ने के लिए पकोका लाने की तैयारी कर ली है।

पकोका लाने की तैयारियों के साथ ही पंजाब के मंत्री इस बात को लेकर चिंता भी व्यक्त कर रहे हैं कि कहीं पकोका पुलिस को इतना ज्यादा शक्तिशाली न बना दे कि वह 'तानाशाही' पर उतर आए। मंत्रियों की चिंता से यह संकेत मिलने शुरू हो गए हैं कि पकोका कानून को लाना सरकार के लिए आसान नहीं होगा।

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के मातहत आने वाले गृह विभाग के ज्यादा एजेंडे कल होने वाली कैबिनेट बैठक में शामिल किए गए हैं। विधानसभा चुनाव में कांग्र्रेस के प्रमुख एजेंडों में से शामिल ड्रग्स तस्करों की संपत्ति कुर्क करने के कानून को भी इस बैठक में मंजूरी मिल सकती है। अभी तक ड्रग्स तस्करों की संपत्ति कुर्क करने का अधिकार इनफोर्समेंट विंग के पास था। अब पकोका कानून के तहत ही यह अधिकार पुलिस को देने की तैयारी है।

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विधान सभा चुनाव में कांग्रेस ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। पिछले कुछ दिनों से ट्रैवल एजेंटों द्वारा दूसरे देशों में लोगों को भेजने और उनके फंसने की घटनाओं को देखते हुए कैबिनेट इस पर कानून बनाने पर भी विचार कर सकती है। यह तीनों ही मामले मुख्यमंत्री के महकमे से जुड़े हुए हैं।

कैबिनेट में डिस्टलरी सेलरी रूल 1932, पंजाब आबकारी ब्रांडेड वेयर हाउस रूल 1951 में संशोधन का प्रस्ताव भी रखा जाएगा, लेकिन सरकार की असली चुनौती पकोका कानून को लेकर है। इस कानून को लेकर यह भी आशंका जताई जा रही है कि इससे पुलिस के पास अत्यधिक शक्ति आ जाएगी और उसके दुरुपयोग की आशंका बढ़ जाएगी। पंजाब सरकार के एक मंत्री बताते हैं पकोका कानून आना चाहिए लेकिन एक ऐसी रेगुलेटरी अथारिटी भी होनी चाहिए जहां पर अपील करने का अधिकार हो, नहीं तो पुलिस इस कानून का दुरुपयोग करेगी।

पकोका में कोर्ट में बयान नहीं बदल पाएंगे आरोपी

जानकारी के अनुसार पंजाब में अभी भी करीब 35 आपराधिक ग्रुप हैं। संगठित आपराधिक ग्रुपों को देखते हुए ही सरकार पकोका लाने की तैयारी में है। इस कानून के तहत आरोपी जो बयान पुलिस को देगा उसे अदालत में बदल नहीं पाएगा। अभी तक कई मामलों में पुलिस को दिए बयान पर आरोपी कोर्ट में पलट जाता है।

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महज तीन दिन का शीतकालीन सत्र

पंजाब विधानसभा का शीतकालीन सत्र मात्र तीन दिन का होगा। 27 से 29 नवंबर तक सत्र बुलाने की तैयारी है। कैबिनेट बैठक में इस पर मोहर लगने की पूरी संभावना है।
 

Posted By: Sunil Kumar Jha

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