-कैबिनेट की मीटिंग में जरूरी संशोधन करने को मंजूरी

-महिलाओं का आरक्षण 33 फीसद से बढ़ाकर 50 फीसद करने मिलेगी मदद ---

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की राय पर संज्ञान लेते हुए पंजाब सरकार ने ग्राम पंचायत के सरपंच के लिए ब्लॉक स्तरीय आरक्षण के मौजूदा अमल की जगह जिला स्तरीय आरक्षण दोबारा वापस लाने का फैसला किया है। कैबिनेट मीटिंग के दौरान यह जरूरी संशोधन करने को मंजूरी दे दी है। इससे पंचायती राज्य एक्ट की धारा 12 (4) के अनुरूप सरपंचों की रोटेशन प्रक्रिया बनाई जा सके। यह कदम जून, 2017 में पंचायती राज्य एक्ट की धारा 12 में संशोधन करके महिलाओं का आरक्षण 33 फीसद से बढ़ाकर 50 फीसद करने के लिए सरकार की ओर से लिए ऐतिहासिक फैसले को प्रभावी ढंग से अमल में लाने को योग्य बनाएगा। 29 मई, 2008 को हाईकोर्ट के कथन मुताबिक 'हम इस स्तर पर चुनाव प्रक्रिया में दरअसल दखलअंदाजी करने के असमर्थ हैं चाहे कि ब्लॉक स्तरीय रोटेशन स्पष्ट रूप पर पंचायती राज्य एक्ट की धारा 12 के अंतर्गत जिला स्तरीय रोटेशन के अनुरूप नहीं है।'

ग्रामीण विकास व पंचायत विभाग के संशोधित सुझावों को स्वीकृत करते हुए मंत्रिमंडल ने रूल 6 से रूल 6(ए) दर्ज करने की सहमति दे दी। इसके अंतर्गत सरपंचों के लिए जिला स्तरीय आरक्षण डिप्टी कमिशनरों की ओर से संशोधित हुए नियमों और एक्ट के मुताबिक किया जाएगा।

रोटेशन व्यवस्था को मंजूरी

रोटेशन व्यवस्था को स्वीकृत करते हुए रोस्टर में आरक्षण पहली गैर-आरक्षण पंचायत से अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जाति महिलाएं और महिलाओं के अनुसार होगा। बाकी पंचायतों का आरक्षण नहीं होगा। साल 2013 में चुनाव के समय संबंधित जिलों के विभिन्न ब्लॉकों में अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जाति महिलाओं और महिलाओं के लिए क्रमवार ग्राम पंचायतों के सरपंचों के सभी पद आरक्षित थे। उनका श्रेणी के मुताबिक समायोजन किया जाएगा। इनको सिलसिलेवार रोस्टर पर रखा जाएगा, जिस के मुताबिक सबसे पहले अनुसूचित जाति, उसके बाद अनुसूचित जाति महिलाएं और फिर अन्य महिलाएं होंगी। एतराज मागने की समय सीमा 15 दिन घटाई

जिले में नव-गठित ग्राम पंचायतों के सरपंचों के सभी पदों को नए तैयार किए रोस्टर के अंत में रखा जाएगा। ग्राम पंचायतों के पदों के आरक्षण के लिए रोस्टर को नामाकन पत्र पेश करने की तारीख से कम से कम एक सप्ताह पहले नोटीफाई किया जाएगा। मंत्रिमंडल ने मसौदे के नियमों के लिए जनता से एतराज मागने के लिए अपेक्षित समय सीमा 30 दिन से घटाकर 15 दिन करने की स्वीकृति दे दी है।

Posted By: Jagran

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