कैलाश नाथ, चंडीगढ़। पंजाब लोक कांग्रेस पार्टी के दफ्तर के शुभारंभ होने के एक दिन बाद ही केंद्रीय जल शक्ति मंत्री व पंजाब में भाजपा चुनाव कमेटी के प्रभारी गजेंद्र सिंह शेखावत कैप्टन अमरिंदर सिंह से मिलने के लिए उनके सिसवां स्थित फार्म हाउस पर पहुंचे। शेखावत के इस दौरे से स्पष्ट हो गया है कि 2022 के विधानसभा चुनाव में कैप्टन की पार्टी और भाजपा का गठबंधन तय है। अब बस इसके औपचारिक घोषणा का इंतजार है, जो कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ कैप्टन की मुलाकात के उपरांत कभी भी हो सकता है।

उधर, भाजपा के प्रदेश प्रधान अश्वनी शर्मा का कहना है, बतौर प्रदेश प्रधान वह 117 सीटों लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। पार्टी के सूत्र बताते हैं कि भाजपा और कैप्टन की पंजाब लोक कांग्रेस पार्टी के बीच 70:35 का फार्मूला बन सकता है। बाकी की सीटों को सुखदेव सिंह ढींडसा की शिरोमणि अकाली दल संयुक्त व अन्य (अगर हुआ) को दी जा सकती हैं।

वहीं, बताया जा रहा है कि शेखावत और कैप्टन के बीच वन-टू-वन बैठक हुई। करीब एक घंटे तक दोनों नेता एक साथ रहे। इस दौरान दोनों नेताओं दोपहर का भोजन भी साथ में किया। वहीं, शेखावत के साथ कैप्टन अमरिंदर सिंह की यह मुलाकात से कांग्रेस पार्टी में बेचैनी देखी जा रही है। क्योंकि कैप्टन अमरिंदर सिंह पहले ही कह चुके हैं कि एक बार आचार संहिता लगने दें, उसके बाद कौन-कौन साथ आता है पता चल जाएगा।

माना जा रहा है कि केंद्रीय मंत्री के कैप्टन के फार्म हाउस पहुंचने से कांग्रेस में कैप्टन के समर्थकों को भी भरोसा हुआ होगा कि वास्तव में भाजपा कैप्टन की पार्टी के साथ समझौता कर रही है। हालांकि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी पूर्व में यह बात कही थी कि पंजाब में भाजपा की बातचीत कैप्टन और ढींडसा के साथ चल रही है। इसके बावजूद कैप्टन के समर्थकों में शंका बनी हुई थी। केंद्रीय मंत्री के साथ उनकी मुलाकात के बाद यह शंका भी मिट गई है।

वहीं, तीन कृषि कानूनों के वापस होने के बाद से ही राजनीतिक रूप से सबकी नजरें इस बात पर टिकी हुई हैं कि भाजपा और कैप्टन की पार्टी कब पत्ते खोलती है। पार्टी सूत्र बताते हैं कि कैप्टन और भाजपा के बीच समझौते की रूपरेखा तैयार है। अब बस इसके औपचारिक घोषणा का इंतजार है। कैप्टन की बढ़ती सक्रियता से कांग्रेस में बेचैनी साफ महसूस की जा सकती है, क्योंकि कांग्रेस पार्टी को पता है कि कैप्टन को मजबूती उन्हीं की पार्टी से मिल सकती है। क्योंकि वह कांग्रेस पार्टी की तरफ से दो बार मुख्यमंत्री और तीन बार प्रदेश प्रधान रह चुके हैं।

कैप्टन जितना मजबूत होंगे, कांग्रेस के लिए उतनी ही परेशानी खड़ी हो सकती है। उधर, कैप्टन की पार्टी और भाजपा के गठबंधन को लेकर भाजपा के प्रदेश प्रधान अश्वनी शर्मा ने भी संकेत दिए हैं। उनका कहना है, बतौर प्रधान वह 117 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने न तो गठबंधन होने की बात को स्वीकार किया न ही उसका खंडन किया।

Edited By: Kamlesh Bhatt