चंडीगढ़ [इन्द्रप्रीत सिंह]। प्रधानमंत्री ने पिछले सप्ताह दीपावली तक मुफ्त राशन उपलब्ध करवाने की घोषणा की थी। यह योजना पंजाब को बहुत रास आ रही है। पंजाब के गोदाम इस समय अनाज से भरे हुए हैं और इनमें मिलिंग होकर आ रहे चावल को रखने के लिए जगह नहीं बची है। पीएम के एलान से पहले अप्रैल में पंजाब से अनाज की जो मूवमेंट 15 लाख टन प्रति माह तक रह गई थी अब एक बार फिर से 22 लाख टन पर पहुंच गई है।

एफसीआइ के डीजीएम (मूवमेंट) चंद्र प्रकाश ने बताया कि आने वाले दिनों में इसके और बढ़ने की संभावना है। अब रोजाना 55 मालगाडि़यों के जरिए 66 हजार टन अनाज दूसरे प्रदेशों में अनाज भिजवाया जा रहा है। दीपावली तक अगर यही स्थिति बनी रहती है तो एक करोड़ टन के आसपास अनाज दूसरे राज्यों में जा सकता है।

पंजाब में गोदामों के भरे रहने का नुकसान राज्यों की खरीद एजेंसियों को उठाना पड़ता है। जब तक केंद्र सरकार अनाज को मूव नहीं करती तब तक उसे संभालकर रखने का काम खरीद एजेंसियों का होता है और एक निश्चित मात्रा से ज्यादा खराब होने पर एजेंसियों को इसकी भरपाई भी करनी पड़ती है लेकिन दूसरा सबसे बड़ा नुकसान ब्याज का होता है।

खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि जब तक अनाज गोदामों में पड़ा है तब तक बिल हमारे नाम पर खड़ा रहेगा। चूंकि हमने आरबीआइ से कैश क्रेडिट लिमिट ली होती है, इसलिए केंद्र सरकार हमें दो तीन महीनों का ही ब्याज देती है, शेष हमें ही देना पड़ता है। फूड अकाउंट का जो 31 हजार करोड़ रुपये हमारे ऊपर डाला गया है उसमें सबसे ज्यादा बड़ा हिस्सा ब्याज का ही है।

अभी भरे पड़े हैं गोदाम

पंजाब के गोदामों में इस समय 181 लाख टन गेहूं और 111 लाख टन चावल पड़ा हुआ है जबकि अभी 20 लाख टन चावल और आना बाकी है।

Edited By: Kamlesh Bhatt