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अमृतसर में ASI की हत्या के बाद पुलिस की 'वर्दी एडवाइजरी' पर सियासत गर्म, हरपाल चीमा बोले- विपक्ष कर रहा बदनाम

Published: Tue, 22 Sep 2026 12:19 PM (IST)

अमृतसर में एक एएसआई की हत्या के बाद पुलिसकर्मियों को वर्दी की जगह सिविल कपड़े पहनने की कथित एडवाइजरी का ऑडियो वायरल होने से पंजाब की राजनीति गरमा गई है।

राजा वडिंग और मजीठिया ने साझा किया ऑडियो।

राजा वडिंग और मजीठिया ने साझा किया ऑडियो।


HighLights

  1. अमृतसर एएसआई हत्या के बाद वर्दी एडवाइजरी ऑडियो वायरल

  2. पंजाब पुलिस और वित्त मंत्री ने एडवाइजरी को फर्जी बताया

  3. विपक्ष ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाकर सरकार को घेरा

रोहित कुमार, जागरण चंडीगढ़। अमृतसर में एएसआइ की हत्या के बाद पुलिसकर्मियों को वर्दी के बजाय सिविल कपड़े पहनकर ड्यूटी करने की कथित एडवाइजरी इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने से पंजाब की राजनीति गरमा गई है।

कांग्रेस प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वडिंग और शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर वायरल ऑडियो साझा कर सरकार और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने भी मामले को लेकर सरकार को घेरा। वहीं पंजाब पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऐसा कोई आधिकारिक निर्देश जारी नहीं किया गया है।

क्या है वायरल ऑडियो में?

वायरल ऑडियो में एक महिला की आवाज है, जो खुद को पुलिस मुलाजिम बता रही है। इसमें दावा किया जा रहा है कि बॉर्डर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय की ओर से पुलिस कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर हिदायतें जारी की गई हैं।

कथित निर्देशों में अमृतसर देहात, बटाला, गुरदासपुर और पठानकोट के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को ड्यूटी प्वाइंट और संवेदनशील स्थानों पर तैनात कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरतने की बात कही गई है।

ऑडियो में पुलिस कर्मचारियों को वर्दी, बेल्ट, पहचान चिन्ह, पुलिस उपकरण या ऐसा कोई सामान प्रदर्शित नहीं करने की बात कही जा रही है, जिससे उनकी पहचान आसानी से हो सके। कर्मचारियों को निजी सुरक्षा प्रोटोकाल का पालन करने और आने-जाने की दिनचर्या में बदलाव रखने की बात भी कही गई है।

चीमा बोले- विपक्ष कर रहा बदनाम करने की कोशिश

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने स्पष्ट किया कि पंजाब पुलिस की ओर से ऐसी कोई एडवाइजरी जारी नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रही यह पोस्ट और इससे जुड़े दावे गलत हैं।

चीमा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस, भाजपा और शिरोमणि अकाली दल की ओर से पंजाब पुलिस और राज्य सरकार को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने कहा कि ऐसी पोस्ट इंटरनेट मीडिया पर डालने वाले व्यक्ति की जांच कराई जाएगी और तथ्यों के आधार पर उसके खिलाफ बनती कानूनी कार्रवाई की जाएगी। चीमा ने पोस्ट करने वाले व्यक्ति से इसे तत्काल डिलीट करने को भी कहा।

पंजाब पुलिस ने भी किया खंडन

पंजाब पुलिस ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर स्पष्ट किया कि पुलिस मुख्यालय अथवा उसके अधीन किसी भी पुलिस कार्यालय की ओर से कर्मचारियों को ड्यूटी पर जाते या लौटते समय वर्दी नहीं पहनने का कोई निर्देश जारी नहीं हुआ है।

पुलिस ने वायरल संदेशों को फर्जी बताते हुए लोगों से केवल आधिकारिक माध्यमों से मिली जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।

विपक्ष ने उठाए कानून-व्यवस्था पर सवाल

राजा वडिंग ने वायरल ऑडियो के आधार पर पंजाब की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। मजीठिया ने भी ऑडियो साझा किया। सुनील जाखड़ ने कहा कि वायरल ऑडियो की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

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