PU सीनेट चुनाव के लिए मतदाताओं में उत्साह, सुबह से मतदान केंद्रों पर भीड़; 23 को काउंटिंग
पंजाब यूनिवर्सिटी सीनेट चुनाव के लिए आज रजिस्टर्ड ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र में मतदान हो रहा है। चंडीगढ़ सहित सात राज्यों ...और पढ़ें
HighLights
रजिस्टर्ड ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र के लिए आज हो रहा मतदान।
चंडीगढ़ समेत सात राज्यों में 271 मतदान केंद्र बनाए गए।
15 सीटों के लिए 51 प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतरे।
मोहित पांडेय, चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी सीनेट चुनाव के लिए रजिस्टर्ड ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र के लिए आज मतदान हो रहा है। मतदान के लिए चंडीगढ़ समेत पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर में कुल 271 बूथ बनाए है। सुबह से मतदान केंद्रों पर भीड़ दिखाई दी रही है।
चंडीगढ़ के पंजाब यूनिवर्सिटी समेत 11 कालेजों समेत दर्जन से अधिक स्कूलों में लोग वोट करने के लिए पहुंच रहे है। सीनेट के चुनावी दंगल में 15 सीटों के लिए 51 प्रत्याशी मैदान में है। इसके साथ ही पंजीकृत ग्रेजुएट मतदातकी संख्या 6,25,784 है।
मतदान शाम पांच बजे तक चलेगा। मतदान दो शिफ्टों में होगा। इसके साथ ही 1500 से अधिक कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। बता दे कि रजिस्टर्ड ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र से सीनेट की 15 सीटों पर चुनाव हो रहा है। इनमें पंजाब के लिए दो सीटें आरक्षित हैं, जबकि एक सीट केंद्र शासित प्रदेश के लिए आरक्षित है। शेष 12 सीटें ओपन श्रेणी की हैं।
शिक्षा मंत्रालय ने नौ दिन में चार बार की थी अधिसूचनाएं जारी
पीयू सीनेट चुनाव को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को नौ दिनों के भीतर चार बार अधिसूचना जारी करनी पड़ी। पहले 28 अक्टूबर 2025 की अधिसूचना रद्द की गई, फिर सीनेट-सिंडिकेट सुधारों पर रोक लगाई गई।
इसके बाद चार नवंबर को दो नोटिफिकेशन जारी हुए और आखिरकार सात नवंबर को स्पष्ट किया गया कि सीनेट और सिंडिकेट में कोई बदलाव नहीं होगा। शिक्षा मंत्रालय की ओर से कहा गया था कि आदेश जारी होने के बाद छात्रों, शिक्षकों, पूर्व कुलपतियों और मौजूदा कुलपति से महत्वपूर्ण सुझाव और आपत्तियां प्राप्त हुईं।
मंत्रालय ने विभिन्न छात्र संगठनों के साथ हुई बैठक में उठाई गई चिंताओं को भी गंभीरता से लिया। उपरोक्त परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सीनेट और सिंडिकेट की नई संरचना संबंधी आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाता है।
सीनेट बहाली को लेकर हुआ था 27 दिन प्रदर्शन
पीयू में सीनेट बहाली को लेकर बीते वर्ष पीयू के कुलपति कार्यालय के बाहर 27 दिनों तक चला था, जिसके लेकर पीयू बचाओ मोर्चा बनाए गया था, जिसको समर्थन देने के लिए पंजाब- हरियाणा के नेता पहुंचे थे।
सीनेट चुनाव की तारीख घोषित करने की मांग को लेकर 10 नवंबर को पंजाब यूनिवर्सिटी में महा प्रदर्शन देखने को मिला था। कड़ी पुलिस सुरक्षा के बावजूद प्रदर्शनकारी यूनिवर्सिटी का मुख्य गेट तोड़कर परिसर में घुस गए थे।
किसान, छात्र और मजदूर संगठनों के हजारों कार्यकर्ता यूनिवर्सिटी पहुंचे थे। कुलपति कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी हुई और माहौल तनावपूर्ण हो गया। प्रदर्शन में कई राजनीतिक और किसान नेता भी शामिल हुए। हालात बिगड़ने पर पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, लेकिन स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में नहीं आ सकी थी।
