डॉ. सुमित सिंह श्योराण, चंडीगढ़

पंजाब यूनिवर्सिटी सीनेट चुनाव को लेकर पीयू प्रशासन संकट में घिर गया है। एक तरफ ट्राईसिटी में कोविड-19 के रिकार्ड मामले तो दूसरी तरफ पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों का पालना करना गले की फांस बन गया है। कोरोना महामारी से चंडीगढ़ में बिगड़ते हालत को देखते हुए पीयू प्रशासन ने सीनेट चुनाव को लेकर अब यूटी प्रशासन की ओर से दिशा निर्देशों का इंतजार है। 26 अप्रैल को सीनेट की फैकल्टी के लिए पहले चरण का चुनाव होना है। मतदान को लेकर पीयू प्रशासन ने अपनी तरफ से पूरी तैयारी भी कर ली है। लेकिन कोरोना के हर रोज बढ़ते मामलों ने प्रशासन की चिता बढ़ा दी है। पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस में कई प्रोफेसर और नॉन टीचिग स्टॉफ इस समय कोरोना की चपेट में है। फैकल्टी की छह सीटों के लिए होने वाले चुनाव में 750 से अधिक वोटर हिस्सा लेंगे। जबकि यूटी प्रशासन की गाइडलाइन के तहत 50 से अधिक लोग किसी भी आयोजन में शामिल नहीं हो सकते। पूरे मामले में पीयू अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं। उधर मामले में पीयू प्रशासन वीरवार को यूटी प्रशासन से मामले में पत्र लिखकर स्थिति स्पष्ट करने की तैयारी कर रहा है। सीनेट चुनाव पर फिलहाल रोक लगाने को लेकर एकल बैंच के फैसले के खिलाफ डबल बैंच में भी जा सकता है, लेकिन इसका फैसला अगले एक दो दिन में पीयू प्रशासन के आला अधिकारी लीगल एक्सपर्ट से सलाह लेकर ही करेंगे। उधर नॉन टीचिग एसोसिएशन से चुनाव मैदान में खड़े कुछ उम्मीदवार अब सीनेट चुनाव को स्थगित करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब पुसा चुनाव स्थगित किया जा सकता है तो बाकी चुनाव को लेकर भी ऐसा ही फैसला लिया जाना चाहिए। उधर सीनेट से जुड़े एक वरिष्ठ सदस्य का कहना है कि हाईकोर्ट ने दो महीने में चुनाव कराने को कहा है, ऐसे में पीयू प्रशासन चुनाव को फिलहाल कुछ दिन के लिए आगे बढ़ा सकते हैं। हाई कोर्ट का आदेश- पांच जून तक संपन्न कराओ सीनेट चुनाव

सीनेट चुनाव का मामला बीते दिनों में काफी विवादों में रहा है। पीयू प्रशासन की ओर से सीनेट चुनाव समय पर न करवाने को लेकर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से जुर्माना और फटकार लग चुकी है। ऐसे में पीयू कोविड से खराब हालात के बावजूद चुनाव स्थगित करने की गलती नहीं कर सकता। हाईकोर्ट के निर्देशों के तहत दो महीने के भीतर सभी सीटों के चुनाव संपन्न कराने का निर्देश है। ऐसे में पांच जून तक सभी फैकल्टी के चुनाव कराने होंगे। पीयू ने चुनाव का पूरा शेड्यूल भी जारी कर दिया है, जिसमें अंतिम चुनाव 16 मई को ग्रेजुएट चुनाव क्षेत्र की 15 सीटों के लिए मतदान होना है। लेकिन इस चुनाव में तीन लाख 80 हजार वोटर देश के छह राज्यों में वोट करेंगे। कई उम्मीदवार भी कोरोना पॉजिटिव

चंडीगढ़ में कोविड-19 की स्थिति को देखते हुए पीयू प्रशासन ने 22 अप्रैल को प्रस्तावित पंजाब यूनिवर्सिटी नॉन टीचिग स्टॉफ एसोसिएशन(पुसा) और पीयू सी क्लास एसोसिएशन के चुनाव को स्थगित कर दिया है। लेकिन पीयू प्रशासन सीनेट चुनाव अंतिम फैसला नहीं कर पा रही। वोटर ही नहीं चुनावी मैदान में खड़े दो उम्मीदवार भी कोरोना पॉजिटिव हैं। उम्मीदवार इंटरनेट मीडिया और मोबाइल से ही वोट मांग रहे हैं। उधर 26 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए पंजाब,हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल राज्यों से भी वोटर को पंजाब यूनिवर्सिटी आना होगा। दिल्ली में 26 अप्रैल तक लॉकडाउन होने के कारण कई वोटर नहीं आ पाएंगे। सीनेट चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार मान रहे हैं कि अगर मतदान हुआ तो इस बार वोट प्रतिशत बहुत कम रहेगा। पीयू ने ऐतिहात के तौर पर मतदान के लिए बीते सालों में एक के मुकाबले इस बार छ मतदान केंद्र बनाने का फैसला लिया है।

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