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PU में पीएचडी स्काॅलर की करंट से मौत केस की मजिस्ट्रियल जांच पूरी, SDO समेत तीन पर कार्रवाई की सिफारिश

Published: Tue, 06 Oct 2026 02:43 PM (IST)

पंजाब यूनिवर्सिटी में पीएचडी स्कॉलर ज्योति की करंट लगने से हुई मौत के मामले में मजिस्ट्रियल जांच पूरी हो गई ...और पढ़ें

जुलाई में वर्षा के दौरान करंट लगने से हुई थी पीएचडी स्कालर ज्योति की मौत।

जुलाई में वर्षा के दौरान करंट लगने से हुई थी पीएचडी स्कालर ज्योति की मौत।

HighLights

  1. मजिस्ट्रियल इंक्वायरी की रिपोर्ट डीसी को सौंपी गई।

  2. एसडीओ, जेई और इंस्पेक्टर पर कार्रवाई की सिफारिश।

  3. सीईए 2013 गाइडलाइंस के उल्लंघन को हादसे की वजह माना।

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) में करंट से पीएचडी स्काॅलर ज्योति की मौत केस की मजिस्ट्रियल इंक्वायरी पूरी हो गई है। जांच रिपोर्ट डीसी निशांत कुमार यादव को सौंप दी गई है।

रिपोर्ट में हादसे के लिए कई स्तरों पर लापरवाही का उल्लेख किया है। पीयू के इंजीनियरिंग विभाग के एसडीओ, एक जूनियर इंजीनियर और संबंधित इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की गई है। सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथाॅरिटी (सीईए) की वर्ष 2013 की गाइडलाइंस के उल्लंघन को भी प्रमुखता से रेखांकित किया है।

रिपोर्ट के अनुसार, जिन अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी खुले तारों और विद्युत व्यवस्था की नियमित जांच करने की थी, वे अपनी ड्यूटी अपेक्षित तरीके से नहीं निभा पाए। नियमित निरीक्षण में खामियों को समय रहते दूर किया जाता तो हादसे को टाला जा सकता था।

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मजिस्ट्रियल जांच में व्यवस्था से जुड़ी एक गंभीर कमी की ओर भी ध्यान दिलाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, पीयू में इलेक्ट्रिकल से जुड़े काम की जिम्मेदारी ऐसे अधिकारी को दी गई थी, जिसके पास मूल रूप से इलेक्ट्रिकल विभाग का प्रभार नहीं था।

इलेक्ट्रिकल के एक्सईएन का अतिरिक्त चार्ज हार्टिकल्चर विभाग के अधिकारी को दिया गया था। विद्युत व्यवस्था जैसे तकनीकी और संवेदनशील काम के लिए संबंधित विषय के विशेषज्ञ अधिकारी की तैनाती जरूरी है।

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हादसे रोकने को प्रविधान जरूरी

भविष्य में इस तरह के हादसों को रोकने के लिए सीईए की वर्ष 2013 की गाइडलाइंस के विभिन्न प्रविधान को सख्ती से लागू करने की सिफारिश की गई है। विद्युत व्यवस्था की नियमित जांच, खुले तारों और अन्य जोखिम वाले स्थानों की पहचान तथा समय पर मरम्मत पर विशेष जोर दिया है।

डीसी निशांत कुमार यादव अब जांच रिपोर्ट की सिफारिशों के आधार पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश जारी करेंगे। हालांकि मजिस्ट्रियल इंक्वायरी पूरी हो चुकी है, लेकिन ज्योति की मौत के मामले में विसरा रिपोर्ट अभी लंबित है। विसरा जांच के लिए भेजा गया है, और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के चिकित्सकीय कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।