जासं, चंडीगढ़ : शहर में कोरोना के लगातार रिकार्ड मामलों को देखते हुए पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन ने मंगलवार को सख्त फैसला लिया है। पीयू प्रशासन की ओर से जारी चिट्ठी में साफ किया गया है कि पीयू कर्मचारी अब बिना लिखित अनुमति के दूसरे राज्यों में नहीं जा सकेंगे। पत्र में कहा गया है कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। पीयू डीएसडब्ल्यू ऑफिस की ओर से सभी हॉस्टल वार्डन के लिखे पत्र में कहा गया है कि सभी कर्मचारी लिखित अनुमति के बाद ही दूसरे राज्यों में जा सकेंगे। बीते दिनों में पीयू कैंपस में कोरोना का संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। टीचिग से लेकर नॉन टीचिग स्टॉफ कोरोना की चपेट में है। सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार 15 से अधिक प्रोफेसर और नॉन टीचिग स्टॉफ और उनके परिवार के सदस्य कोरोना के कारण अस्पताल या होम क्वारंटाइन हैं। कुछ कर्मचारियों का तो पूरा परिवार ही कोरोना संक्रमण से ग्रस्त है। पीयू प्रशासन ने हाल ही में कोरोना के बढ़ते मामलों के बाद फिर से सभी टीचिग डिपार्टमेंट को अगले आदेशों तक बंद रखने के आदेश जारी किए थे, सिर्फ टीचिग और नॉन टीचिग स्टॉफ ही ऑफिस में आ सकता है।

बाहरी लोगों की एंट्री पूरी तरह बैन

शहर में कोरोना संक्रमण बढ़ने के बाद पीयू प्रशासन ने पूरे कैंपस में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। पीयू कैंपस रेजिडेंस के अलावा सभी हॉस्टल में रहने वाले रिसर्च स्कॉलर की मूवमेंट को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। सभी हॉस्टल वार्डन को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि सभी स्टूडेंट्स की रुटीन में हेल्थ चेकअप किया जाए। किसी भी बाहर व्यक्ति को हॉस्टलर से बिना परमिशन के मिलने की अनुमति नहीं है। टेंपरेचर चैक करने के बाद ही स्टूडेंट्स को हॉस्टडल में एंट्री मिल रही है। सभी हॉस्टल को निश्चित अंतराल पर सेनिटाइजेशन किया जा रहा है। साइंस डिपार्टमेंट के पांच स्टॉफ मेंबर और रिसर्च स्कॉलर कोरोना पॉजिटिव

पीयू प्रशासन ने छात्र संगठनों के कड़े विरोध के बाद साइंस संकाय में फाइनल सेमेस्टर और पीएचडी रिसर्स स्कॉलर को आने की अनुमति दी हुई है। मगर डिपार्टमेंट ऑफ माइक्रोबॉयोलाजी में पांच से छह स्टॉफ मेंबर्स और कुछ रिसर्च स्कॉलर कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। विभाग की ओर से पीयू चांसलर को लिखी चिट्ठी में विभाग को तीन दिन के लिए बंद करने और सेनिटाइजेशन की मांग की गई है।

Edited By: Jagran