चंडीगढ़, [कैलाश नाथ]। पंजाब की कैप्‍टन अमरिंदर सिंह सरकार पर अब बोर्ड व निगमों के चेयरमैन की नियुक्तियों का दबाव बढऩे लगा है। लोकसभा चुनाव के कारण मुख्यमंत्री ने नियुक्तियों की फाइल रोक दी थी, ताकि चुनाव के दौरान किसी प्रकार का विरोध न हो। चुनाव खत्म होने के बाद अब फिर से यह मुद्दा गरमाने लगा है। क्योंकि करीब 113 बोर्ड-कारपोरेशन में चेयरमैन पद पर नियुक्तियां बाकी हैं।

करीब 113 बोर्ड-निगम में चेयरमैन पद पर नियुक्तियां बाकी

लोकसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह व नवजोत सिंह सिद्धू के बीच उत्पन्न हुए विवाद के कारण चेयरमैन बनने के चाहवान चुप्पी साधे हुए थे, लेकिन अब इन लोगों ने धीरे-धीरे सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। क्योंकि पंजाब में कांग्रस की सरकार बने ढाई वर्ष का समय बीत चुका है। इसके बावजूद अभी तक बोर्ड-निगमों में चेयरमैन नियुक्त नहीं किए गए हैं। जनवरी में इस संबंध में मुख्यमंत्री और राहुल गांधी की बैठक हो चुकी है। वहीं, पार्टी हाईकमान ने भी इस संबंध में अपनी हरी झंडी दे दी है। अब फैसला केवल कैप्टन अमरिंदर सिंह को लेना है।

राहुल ने किया था विधायकों को चेयरमैन बनाने का विरोध

चुनाव से पहले राहुल गांधी ने बोर्ड व निगमों में विधायकों को चेयरमैन बनाने के प्रस्ताव का विरोध किया था। चूंकि अब चुनाव खत्म हो चुके हैं, ऐसे में संभव है कि मुख्यमंत्री कुछ विधायकों पर दांव खेल सकते हैं। इस बात के संकेत चुनाव से पहले खुद कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दिए थे, जब उन्होंने अमृतसर के विधायक राजकुमार वेरका को वेयर हाउस का चेयरमैन नियुक्त किया था।

माना जा रहा है कि कुछ महत्वपूर्ण कारपोरेशन की कमान विधायकों को सौंपी जा सकती है। 78 विधायकों वाली कांग्रस पार्टी में चेयरमैन बनने के चाहवानों की संख्या भी काफी ज्यादा है। माना जा रहा है कि ब्लॉक समिति और जिला परिषद के चेयरमैन नियुक्त होने के बाद सरकार बोर्ड-कारपोरेशन के चेयरमैन की लिस्ट भी जारी कर सकती है।

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Posted By: Sunil Kumar Jha

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