पराली जलाने पर जुर्माना नहीं, किसानों को मिले 100 रुपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन; प्रताप सिंह बाजवा ने रखी बड़ी मांग
पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने पराली जलाने पर किसानों को जुर्माना लगाने के बजाय प्रति क्विंटल 100 रुपये का प्रोत्साहन देने की मांग की है।

बाजवा ने किसानों के लिए ₹100 प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि की उठाई मांग।
HighLights
प्रताप बाजवा ने पराली जलाने पर जुर्माने का विरोध किया
किसानों को प्रति क्विंटल 100 रुपये प्रोत्साहन देने की मांग
पराली जलाना किसानों की आर्थिक मजबूरी, समाधान जरूरी
डॉ सुमित सिंह श्योराण चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने पराली जलाने के मुद्दे पर केंद्र की भाजपा सरकार की प्रस्तावित दंडात्मक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए किसानों के लिए आर्थिक प्रोत्साहन की मांग की है।
बाजवा ने कहा कि पराली जलाने की समस्या का समाधान किसानों को केवल अपराधी मानकर जुर्माना लगाने से नहीं होगा। इसके लिए किसानों की आर्थिक मजबूरियों को समझते हुए व्यवहारिक विकल्प उपलब्ध कराने होंगे।
बाजवा नहीं करते पराली जलाने का समर्थन
बाजवा ने कहा कि केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के तहत वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने पराली जलाने पर किसानों के खिलाफ जुर्माने का प्रस्ताव रखा है। प्रस्तावित व्यवस्था में खेत के आकार के आधार पर प्रत्येक घटना के लिए 5,000, 10,000 और 30,000 रुपये तक जुर्माना लगाने की बात कही गई है।
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बाजवा ने स्पष्ट किया कि वह पराली जलाने का समर्थन नहीं करते, लेकिन सरकार को यह समझना होगा कि यह केवल पर्यावरण से जुड़ी समस्या नहीं, बल्कि किसानों के लिए आर्थिक समस्या भी है।
मिले प्रति क्विंटल उपज पर 100 रुपये प्रोत्साहन
धान की कटाई और गेहूं की बुआई के बीच किसानों के पास बहुत कम समय होता है। ऐसे में पराली प्रबंधन के लिए मशीनरी और अन्य साधनों पर होने वाला अतिरिक्त खर्च किसानों पर आर्थिक बोझ डालता है।
उन्होंने केंद्र सरकार से जुर्माने के बजाय प्रोत्साहन आधारित व्यवस्था लागू करने की मांग की। बाजवा ने सुझाव दिया कि पराली जलाए बिना उसका प्रबंधन करने वाले किसानों को केंद्र सरकार धान की प्रत्येक क्विंटल उपज पर 100 रुपये का प्रोत्साहन दे।
