पंजाब में बिजली की मांग 16 हजार मेगावाट के पार, दो निजी थर्मल प्लांट की यूनिटें बंद; पावर सप्लाई पर और बढ़ा दबाव
पंजाब में सितंबर में बिजली की मांग 16 हजार मेगावाट पार कर गई है, जबकि दो निजी थर्मल प्लांटों की ...और पढ़ें

पंजाब में दो निजी थर्मल प्लांट की यूनिटें बंद। फाइल फोटो
HighLights
पंजाब में बिजली की मांग 16 हजार मेगावाट पार कर गई।
दो निजी थर्मल प्लांट इकाइयां तकनीकी खराबी से बंद।
औद्योगिक, ग्रामीण क्षेत्रों में लंबी बिजली कटौती का सामना।
डॉ. सुमित सिंह श्योराण, चंडीगढ़। पंजाब में सितंबर महीने में बिजली की मांग ने नया दबाव पैदा कर दिया है। गर्मी और सामान्य से कम वर्षा के कारण राज्य में बिजली की मांग 16 हजार मेगावाट के पार बनी हुई है, जो पिछले वर्ष इसी अवधि की तुलना में करीब चार हजार मेगावाट अधिक है।
इसी बीच निजी थर्मल प्लांटों की दो इकाइयां तकनीकी खराबी के कारण बंद होने से बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव और बढ़ गया है। दोनों इकाइयों से कुल 1360 मेगावाट बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ है।
अधिकारियों के अनुसार शनिवार दोपहर तक पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) ने केंद्रीय पूल से 11,962 मेगावाट बिजली खरीदी। मांग और उपलब्धता के बीच अंतर को पाटने के लिए बिजली खरीद के साथ उपलब्ध अन्य सभी संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
तलवंडी साबो थर्मल प्लांट की 660 मेगावाट की इकाई भी बंद
पीएसपीसीएल के डायरेक्टर (जनरेशन) पुन्नेरदीप सिंह बराड़ ने बताया कि नाभा थर्मल प्लांट की 700 मेगावाट की एक इकाई तकनीकी खराबी के कारण बंद है। इसे शनिवार रात या रविवार तड़के तक चालू किए जाने की उम्मीद है।
वहीं, तलवंडी साबो थर्मल प्लांट की 660 मेगावाट की इकाई भी तकनीकी समस्या के कारण बंद है। इसे रविवार रात तक बहाल किए जाने की संभावना है। दोनों इकाइयां चालू होने के बाद राज्य को 1360 मेगावाट अतिरिक्त बिजली उपलब्ध होगी, जिससे आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव कम होने की उम्मीद है।
कुछ औद्योगिक क्षेत्रों में 10 घंटे से अधिक कटौती
बराड़ ने स्वीकार किया कि अधिक मांग और दोनों थर्मल इकाइयों से उत्पादन बंद होने के कारण पीएसपीसीएल को कुछ क्षेत्रों में बिजली प्रतिबंध लगाने पड़ रहे हैं। औद्योगिक क्षेत्रों में कुछ उपभोक्ताओं को 10 घंटे से अधिक बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी लंबे और बार-बार कट लग रहे हैं, जिससे गर्मी के बीच लोगों की परेशानी बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि दोनों इकाइयां बहाल होते ही प्रतिबंध हटाए जाएंगे। राज्य के सरकारी थर्मल प्लांटों में कोयले का भंडार फिलहाल संतोषजनक बताया गया है।
हालांकि कुछ निजी थर्मल प्लांटों में घटते कोयला भंडार ने चिंता बढ़ाई है। बराड़ ने कहा कि नाभा प्लांट में पर्याप्त कोयला पहुंच चुका है और तलवंडी साबो को भी रोजाना कोयले की आपूर्ति हो रही है।
अमन अरोड़ा ने केंद्र पर लगाया कोयला आपूर्ति में कमी का आरोप
बिजली संकट को लेकर विपक्षी दलों ने आम आदमी पार्टी सरकार को घेरा है। वहीं पंजाब के मंत्री अमन अरोड़ा ने केंद्र सरकार पर राज्य के थर्मल प्लांटों के लिए पर्याप्त कोयला उपलब्ध नहीं कराने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पूरे देश में कोयले की कमी है और कोयला आयात करना केंद्र की जिम्मेदारी है। राज्य सरकार ने केंद्र से पंजाब को पर्याप्त कोयला उपलब्ध कराने की मांग की है।
अरोड़ा के अनुसार राज्य ने केंद्र से तलवंडी साबो और राजपुरा स्थित दोनों निजी थर्मल प्लांटों को पचवारा कोयला खदान का कोयला इस्तेमाल करने की अनुमति देने की मांग भी की है। उन्होंने कहा कि पंजाब को न तो पर्याप्त कोयला मिल रहा है और न ही दोनों निजी प्लांटों को पचवारा खदान का कोयला इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई है।
