जेएनएन, चंडीगढ़। सातवें पे कमीशन का लाभ न मिलने पर एआइएफपीटीेओ ने संघर्ष का ऐलान किया है। ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ पॉलिटेक्निक टीचर ऑर्गेनाइजेशन (एआइएफपीटीओ) ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी है कि अगर उन्हें सातवें पे कमीशन का लाभ नहीं दिया तो संघर्ष तेज किया जाएगा।एआइएफपीटीओ के जनरल सेक्रेटरी मदन लाल ने बताया कि मिनिस्ट्री ऑफ ह्यूमन रिर्सोस डेवलेपमेंट की ओर से उच्चतर शिक्षा संस्थान के टीचर्स को तो सातवें पे कमीशन का लाभ दिया गया, लेकिन पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग कॉलेज के टीचर्स को इस लाभ से अछूता रखा गया है। इसका असर टीचर्स पर पड़ रहा है। पॉलिटेक्निक और इंजीनियिरंग कॉलेज भी उच्चतर शिक्षा संस्थानों में आते हैं। ऐसे में इन्हें भी सातवें पे स्केल का लाभ मिलना चाहिए। यदि यह लाभ टीचर्स को नहीं मिलता है तो 15 फरवरी 2019 से दिल्ली में जबरदस्त संघर्ष होगा। इसमें देशभर से 3 हजार कॉलेजों के डेढ़ लाख टीचर्स भाग लेंगे और एमएचआरडी के साथ-साथ भारत सरकार का भी विरोध करेंगे।

मदन लाल राणा ने बताया कि सातवां पे कमीशन लेने के लिए 2 फरवरी 2017 में कमेटी का गठन किया गया था। इसकी रिपोर्ट भी जुलाई 2017 को एमएचआरडी को जमा कराई जा चुकी है, लेकिन उसके बाद भी कोई लाभ नहीं मिल पाया है।समय के साथ महंगाई में लगातार बढ़ोतरी हो रही, जिस वजह से टीचर को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

पांच से 20 हजार रुपये होगी वेतन में वृद्धि

मदन लाल राणा ने बताया कि सातवां पे कमीशन का लाभ मिलने से टीचर्स को अलग-अलग स्लैब में लाभ मिलेगा। कम से कम 5 और ज्यादा से ज्यादा 20 हजार रुपये तक का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि कॉलेजों और यूनिविर्सटी में पढ़ाने वाले टीचर्स के लिए यह स्केल नोटिफाई किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि फरवरी में ही चुनाव के लिए कोड ऑफ कंडक्ट लगना है। यदि कोड ऑफ कंडक्ट से पहले वेतन आयोग की सिफारिश नहीं हुई तो कई महीनों तक यह काम लटक सकता है। ऐसे में एमएचआरडी और भारत सरकार को मांगों के प्रति अवगत कराया जा चुका है।

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Posted By: Sat Paul

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