जासं, चंडीगढ़ : अक्टूबर की बारिश ठंड की आहट लाने के साथ शहर के लिए सुकून भरी स्वच्छ हवा भी लेकर आई है। बारिश से प्रदूषण धुल गया है। कई दिनों से हवा में फैले प्रदूषण के प्रमुख घटक पर्टिक्यूलेट मैटर 2.5 और पीएम-10 बारिश की बूंदों के साथ मिल जमींदोज हो गए हैं। इससे एयर क्वालिटी इंडेक्स 50 प्वाइंट से भी ज्यादा कम हुआ है। कम होकर रविवार शाम को चंडीगढ़ का एक्यूआइ 82 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर दर्ज किया गया। जबकि सुबह के समय यह 111 दर्ज किया गया था। इससे दो दिन पहले तक प्रदूषण का एक्यूआइ लेवल बढ़कर 140 तक पहुंच गया था। ओरेंज से अब ग्रीन जोन में प्रदूषण का स्तर पहुंच गया है। इसे अच्छा माना जाता है।

इस साल यह दूसरी बाद होगा जब प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगा तो बारिश से यह फिर नीचे आ गया। इससे पहले दशहरे के बाद यह 195 तक पहुंच गया था, लेकिन बारिश से यह कम होकर 38 तक आ गया था। उसके बाद फिर बढ़कर 150 तक पहुंचा, लेकिन अब फिर से नीचे आ रहा है। पिछले वर्षो जैसी नहीं होगी इस बार प्रदूषण की स्थिति

नियमित अंतराल के बाद हुई इन दो बारिश से प्रदूषण का स्तर सामान्य होने लगा है। अब अनुमान यह लगाया जा रहा है कि इस साल पिछले वर्षों की तरह प्रदूषण का स्तर 300 के आस-पास नहीं पहुंचेगा। अमूमन दीपावली के आस-पास यह 300 तक पहुंच जाता है। प्रदूषण लेवल कम होने से शहर को बड़ी राहत मिलेगी। सबसे बड़ा फायदा सांस संबंधी मरीजों को होगा। उन्हें अकसर इन दिनों में प्रदूषण की वजह से दिक्कत का सामना करना पड़ता है। अब काफी हद तक वातावरण में मौजूद प्रदूषण के घटक और जहरीली गैस का प्रभाव कम हो गया है। हरियाणा और दिल्ली में हालत ज्यादा बेहतर नहीं

पंजाब और हरियाणा की बात करें तो पंजाब के शहरों में भी एक्यूआइ पहले के मुकाबले कम हुआ है। वहीं हरियाणा के धान उत्पादक क्षेत्रों में अभी एक्यूआई का स्तर काफी अधिक है। इसी तरह से देश की राजधानी नई दिल्ली के आस-पास भी प्रदूषण अधिक है। नई दिल्ली का एक्यूआई रविवार शाम को 161 दर्ज किया गया। प्रमुख शहरों में प्रदूषण का स्तर

शहर एक्यूआइ स्तर

चंडीगढ़ 82

पंचकूला 92

जालंधर 113

अमृतसर 59

अंबाला 111

कुरुक्षेत्र 153

करनाल 130

नई दिल्ली 161

नोएडा 166

फरीदाबाद 177

गुरुग्राम 138

Edited By: Jagran