चंडीगढ़। नश्ाीले पदार्थ की तस्करी के मामले पर पंजाब की राजनीति गर्मा गई है। इस मामले में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष कमल शर्मा के करीबियों का नाम सामने आने से कांग्रेस नेताओं को अकाली दल-भाजपा गठबंधन पर हमले करने का मौका मिल गया है। दूसरी ओर, अकाली दल ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा है। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव व पंजाब के प्रभारी डा. शकील अहमद ने भाजपा व अकाली दल को ड्रग्स के कारोबार में भी साझेदार बताया तो अकाली नेताओं ने कांग्रेस नेताओं को अपने गिरबान में झांकने को कहा।

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डा. शकील अहमद ने फगवाड़ा में कहा कि प्रदेश की सत्ता पर काबिज अकाली भाजपा गठबंधन की ड्रग्स के कारोबार में भी साझेदारी है। पहले कई अकाली नेताओं का ड्रग्स के कारोबार से जुड़े होने की बात सामने आई थी, अब प्रदेश भाजपा प्रधान कमल शर्मा के नजदीकियों द्वारा नशा तस्करों को बचाने के लिए लाखों रुपये की रिश्वत लेने का मामला सामने आया है।

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उन्होंने कहा कि नशे के मामले में अकाली-भाजपा प्रदेश के लोगों को केवल गुमराह कर रहे हैं। प्रदेश सरकार खुद नशे को बढ़ावा दे रही है। शकील अहमद ने कहा कि मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने प्रदेश में राजनीति का व्यापारीकरण किया हुआ है।

पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रताप सिंह बाजवा के बीच चल रहे राजनीतिक शीतयुद्ध के बारे शकील ने कहा कि दोनों नेताओं में कुछ मतभेद अवश्य हो सकते है, लेकिन कांग्रेस की मजबूती को लेकर दोनों नेता एकजुट हैं। शकील अहमद ने कहा कि यह बात स्पष्ट हो चुकी है कि केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज ने ललित मोदी की मदद की है। इसके बावजूद केंद्र सरकार सुषमा स्वराज से इस्तीफा लेने की बजाय, उनकी मदद कर रही है।

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अपने नेताओं के बारे में स्थिति स्पष्ट करे कांग्रेस : शिअद

उधर,शिअद ने कांग्रेस नेताअों से कहा है कि वह पहले नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल अपने नेताओं के बारे में स्थिति स्पष्ट करे और पहले उनके इस्तीफे ले। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल द्वारा भाजपा के प्रदेश प्रधान कमल शर्मा से इस्तीफा मांगने के बाद डेरा बाबा नानक के कांग्रेस विधायक सुखजिंदर रंधावा द्वारा ने सवाल किया था कि क्या हरसिमरत अपने भाई बिक्रम सिंह मजीठिया से भी इस्तीफे की मांग करेंगी। इसके बाद अकाली नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधना श्ुारू कर दिया है।

वरिष्ठ अकाली नेता महेश इंद्र सिह ग्रेवाल और शरणजीत सिंह ढिल्लों ने कहा कि कांग्रेसियों को दूसरे नेताओं से इस्तीफे मांगने से पहले अपने प्रदेश प्रधान प्रताप सिंह बाजवा से इस्तीफे की मांग करनी चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी कांग्रेस प्रधान सोनिया गांधी को पत्र लिखकर उनके नशा तस्करों के साथ संबंधों के बारे में खुलासा किया था। उन्होंने बाजवा और कांग्रेस को चुनौती दी कि वह कैप्टन की चिट्ठी की प्रमाणिकता को झुठलाने की हिम्मत करें।

ग्रेवाल ने कहा कि कांग्रेस के ऊपर से नीचे तक के नेता नशा तस्करी में लिप्त हैं। सांसद चौधरी संतोख सिंह व भारतीय युवक कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वडिंग जांच एजेंसियों की जांच में नशा तस्करी में लिप्त पाए गए हैं। उन्होने कहा कि चौधरी संतोख सिंह भी नशा तस्कर से पैसे लेने के आरोपी हैं, जबकि राजा वडिंग का पीए भी नशा तस्करी में पकड़ा गया है।

कानून के अनुसार कार्रवाई : सुखबीर

उधर, अमृतसर मेंं प्रदेश के उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष कमल शर्मा के करीबियों के मामले में कानून के अनुरूप कार्रवाई की जा रही है। इस मामले मेें कमल शर्मा पर केस दर्ज नहीं है। उन्हाेंने इस मामले पर कांंग्रेस नेताओं के बयानों की आलोचना की और कमल शर्मा का बचाव किया।

हरसिमरत ने कमल शर्मा से मांगा था इस्तीफा, बादल ने किया बचाव

इस मामले के ख्ाुलासे के बाद केंद्रीय मंत्री व सुखबीर सिंह बादल की पत्नी हरसिमरत कौर बादल ने कमल शर्मा का प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पद से इस्तीफा मांगा था। हालांकि इसे बाद उनके ससुर व पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कमल शर्मा का बचाव किया था और हरसिमरत के बयान को गलत बताया था।

Posted By: Sunil Kumar Jha

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