विशाल पाठक, चंडीगढ़

पीजीआइ चंडीगढ़ हरियाणा के 22 जिलों के स्टूडेंट्स को आर्गन डोनेशन (अंगदान) के प्रति जागरूक करेगा। इसे लेकर विशेष अभियान चलाया जाएगा। पहली बार पीजीआइ ने इस प्रकार की पहल की है। इन जिलों में पीजीआइ हरियाणा के शिक्षा विभाग के साथ मिलकर दस्तक नामक प्रोग्राम चलाएगा। दस्तक प्रोग्राम के तहत स्टूडेंट्स को अंगदान की शपथ के अलावा सेमिनार, गांव और शहरी इलाकों में जाकर लोगों को अंगदान के लिए आगे आने के लिए प्रेरित किया जाएगा। वीरवार को पीजीआइ चंडीगढ़ और हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से दस्तक प्रोग्राम को लेकर एमओयू भी साइन किया गया। पंचकूला के सेक्टर-5 में दस्तक कार्यक्रम हुआ लांच

यह प्रोग्राम सेक्टर-5 पंचकूला शिक्षा सदन में लांच किया गया। इस दौरान पीजीआइ के मेडिकल सुपरिटेंडेंट व डीन रिसर्च प्रो. अनिल गुप्ता, एडिशनल मेडिकल सुपरिटेंडेंट व रोटो के नोडल आफिसर प्रो. विपिन कौशल, हरियाणा शिक्षा विभाग की एडिशनल डायरेक्टर अमृता सिंह और ज्वाइंट डायरेक्टर विजय यादव मौजूद रहे। इन 22 जिलों चलेगी मुहिम

पीजीआइ चंडीगढ़ हरियाणा के जिन 22 जिलों के स्कूल और कॉलेज में जाकर अंगदान के प्रति स्टूडेंट्स को जागरूक करेगा उनमें अंबाला, भिवानी, चरखी दादरी, फरीदाबाद, फतेहाबाद, गुरुग्राम, हिसार, झज्जर, जींद, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, महेंद्रगढ़, नूंह, पलवल, पंचकूला, पानीपत, रेवाड़ी, रोहतक, सिरसा, सोनीपत और यमुनानगर शामिल है। अंगदान के जरिये जरूरतमंद को मिल सकता है नया जीवन

पीजीआइ के प्रो. अनिल गुप्ता ने कहा कि अंगदान के जरिये किसी जरूरतमंद को नया जीवन मिल सकता है। प्रो. विपिन कौशल ने कहा कि हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग की यह सराहनीय पहल है। दस्तक के तहत छात्रों के साथ-साथ उनके परिवार, दोस्तों और समाज के सभी वर्गों तक अंगदान के महत्व की जानकारी पहुंचाई जा सकेगी। हरियाणा के शिक्षा विभाग की एडिशनल डायरेक्टर अमृता सिंह ने जिला शिक्षा अधिकारियों से अपील की कि वे 18 साल की उम्र होने पर छात्रों को आगे आने के लिए प्रेरित करें और अंग और प्रतिज्ञा के बारे में जागरूकता पैदा करके समाज को कुछ दें। 20 हजार लोग अंगदान के लिए करा चुके हैं पंजीकरण

पीजीआइ रोटो के नोडल आफिसर प्रोफेसर विपिन कौशल ने बताया कि पीजीआइ के पास करीब 20 हजार लोग आर्गन डोनेशन के लिए पंजीकरण करा चुके हैं। इसके लिए इन लोगों ने बकायदा फार्म नंबर-7 भरकर पीजीआइ के पास अंगदान को लेकर शपथ ली है। इनमें से 16 हजार लोगों के अंगदान को लेकर ऑनलाइन रिकॉर्ड उपलब्ध है। अंगदान मुहिम का ऐसे बन सकते हैं हिस्सा

प्रोफेसर विपिन कौशल ने बताया कि अंगदान मुहिम से जुड़ने के लिए कोई भी व्यक्ति घर बैठे पीजीआइ द्धह्लह्लश्च//ह्मश्रह्लह्लश्रश्चद्दद्बद्वद्गह्म.द्बठ्ठ की आफिशियल वेबसाइट पर जाकर अपना पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकरण के दौरान व्यक्ति को फार्म नंबर-7 भरना होगा। इसके बाद व्यक्ति के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगी। ओटीपी वैरिफिकेशन के बाद व्यक्ति का आर्गन डोनेशन का सर्टिफिकेट दिया जाएगा। पीजीआइ में वर्ष 1996 से 2020 तक हुए आर्गन ट्रांसप्लांट

अंग ---- ट्रांसप्लांट

किडनी- 409

लिवर- 76

हृदय - 15

पैनक्रियाज- 24

फेफड़ा- 2

कार्निया- 7969

Edited By: Jagran