PGI में चंडीगढ़ समेत पंजाब-हरियाणा के डॉक्टरों ने ली ट्रेनिंग, सड़क हादसों में घायलों की बचाएंगे जान
पीजीआई चंडीगढ़ ने सड़क हादसों और आग से झुलसने वाले मरीजों की जान बचाने के लिए 57 डॉक्टरों को ट्रामा ...और पढ़ें

प्रशिक्षण में हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ के डॉक्टरों ने हिस्सा लिया। (सांकेतिक फोटो)
HighLights
पीजीआई ने 57 डॉक्टरों को ट्रामा और बर्न प्रशिक्षण दिया।
हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ के डॉक्टरों ने प्रशिक्षण में भाग लिया।
सड़क हादसों, आग पीड़ितों को बेहतर उपचार मिलेगा।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। सड़क हादसों और आग से झुलसने वाले मरीजों की जान बचाने के लिए पीजीआई में शनिवार को 57 डाॅक्टरों को ट्रामा लाइफ सपोर्ट और बर्न मैनेजमेंट का प्रशिक्षण दिया गया। इसमें हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ के डॉक्टरों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण का उद्देश्य आपात स्थिति में मरीजों को समय पर और बेहतर उपचार उपलब्ध कराना है।
पीजीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (ट्रामा एंड बर्न्स) की ओर से आयोजित यह प्रशिक्षण केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत हुआ। कोर्स का नेतृत्व प्लास्टिक सर्जरी विभाग के प्रमुख और सेंटर के नोडल अधिकारी डाॅ. अतुल पराशर ने किया।
डाॅ. निधि भाटिया कोर्स की सह-निदेशक और डाॅ. अंकित दादरा समन्वयक रहे। डाॅ. अतुल पराशर ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि वर्ष 2025 में सड़क हादसों में 1.87 लाख लोगों की मौत हुई।
यह औसतन प्रतिदिन 512 और हर घंटे करीब 21 मौतों के बराबर है। उन्होंने बताया कि करीब एक लाख लोग जलने के कारण अस्पताल में भर्ती हुए और मृत्यु दर 30 प्रतिशत से अधिक रही।
प्रशिक्षण में सिर की चोट, हड्डियों से जुड़ी चोट, आग से झुलसे मरीजों का उपचार, आपदा प्रबंधन और प्राथमिक जांच की जानकारी दी गई। डॉक्टरों को सांस का रास्ता खोलने, छाती में नली डालने, रक्तस्राव रोकने और आपात स्थिति में हड्डी के रास्ते दवा देने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।
