PGI में हड्डियों के इलाज के लिए आएं तो रखें ध्यान, ऑर्थोपेडिक्स विभाग अब कहलाएगा ऑर्थोपेडिक सर्जरी विभाग
चंडीगढ़ पीजीआई में ऑर्थोपेडिक्स विभाग का नाम अब ऑर्थोपेडिक सर्जरी विभाग हो गया है। यह बदलाव विशेषज्ञों की मौजूदा पहचान, ...और पढ़ें

सेक्टर-12 स्थित पीजीआई में बदला विभाग का नाम।
HighLights
चंडीगढ़ सेक्टर-12 स्थित पीजीआई में बदला गया विभाग का नाम।
यह बदलाव विशेषज्ञों की पहचान और विभाग के बढ़ते दायरे के अनुरूप।
विभाग में जोड़ प्रत्यारोपण, ट्रॉमा सर्जरी जैसी उन्नत सेवाएं शामिल।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। सेक्टर-12 स्थित पीजीआई में हड्डियों के इलाज के लिए आने वाले मरीजों को इस बात का ध्यान रखना होगा कि ऑर्थोपेडिक्स विभाग का नाम बदलकर अब ऑर्थोपेडिक सर्जरी विभाग कर दिया गया है।
विभाग के अनुसार यह बदलाव विशेषज्ञों की मौजूदा पहचान, प्रशिक्षण और विभाग के बढ़ते दायरे को ध्यान में रखते हुए किया गया है। आधुनिक समय में ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञों का काम केवल हड्डी टूटने और मांसपेशियों से जुड़ी बीमारियों के इलाज तक सीमित नहीं है।
विभाग में जोड़ प्रत्यारोपण, ट्रॉमा सर्जरी, खेल संबंधी चोटों की सर्जरी, रीढ़ की सर्जरी, बच्चों की हड्डियों से जुड़ी सर्जरी, हड्डी के कैंसर का इलाज, हाथ-पैर की सर्जरी और जटिल पुनर्निर्माण जैसी सेवाएं शामिल हैं।
पीजीआई में इस विषय की स्नातकोत्तर डिग्री एमएस ऑर्थोपेडिक सर्जरी है। ऐसे में विभाग का नाम भी डिग्री और विशेषज्ञों की पेशेवर पहचान के अनुरूप किया गया है।
विभागाध्यक्ष प्रो. विजय जी. गोनी ने कहा कि यह बदलाव लंबे समय से अपेक्षित था। इससे विभाग के नाम, विशेषज्ञों की पहचान और उनके प्रशिक्षण में एकरूपता आएगी।
