पंजाब में गहराया पेट्रोल-डीजल का संकट, एडवांस पेमेंट के बाद भी नहीं मिल रहा तेल; पंपों पर लग रही लंबी कतारें
पंजाब में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति में गंभीर संकट गहरा गया है, जिससे कई जिलों में पेट्रोल पंपों पर ...और पढ़ें

पंजाब में गहराया पेट्रोल-डीजल संकट, कई पंपों पर सूखे टैंक।
HighLights
पंजाब में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति में गंभीर कमी दर्ज
डीलर्स एसोसिएशन ने मुख्य सचिव से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
प्रीमियम ईंधन बेचने का दबाव, सामान्य आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित
रोहित कुमार, चंडीगढ़। पंजाब में पेट्रोल और डीजल की सप्लाई व्यवस्था को लेकर बड़ा संकट खड़ा होता दिखाई दे रहा है। राज्य के कई जिलों में पेट्रोल पंपों पर ईंधन की भारी कमी सामने आने लगी है। कई पंपों पर बार-बार ड्राई आउट की स्थिति बनने से आम लोगों, किसानों और ट्रांसपोर्ट कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है। हालात को गंभीर बताते हुए पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन पंजाब (पीपीडीएपी) ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
पीपीडीएपी के प्रधान परमजीत सिंह दोआबा की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि पंजाब में सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों के पंपों पर ईंधन रीप्लेनिशमेंट सिस्टम बुरी तरह प्रभावित हो चुका है। सबसे ज्यादा परेशानी एचपीसीएल और बीपीसीएल के पंपों पर सामने आ रही है, जहां लगातार पेट्रोल और डीजल खत्म होने की शिकायतें मिल रही हैं। हालांकि आईओसीएल की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर बताई गई है, लेकिन वहां भी सप्लाई दबाव बढ़ने लगा है।
डीलर्स एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि डीलर पहले से एडवांस भुगतान कर रहे हैं, इसके बावजूद 'कैश एंड कैरी' मॉडल के तहत समय पर ईंधन नहीं मिल रहा। इससे पंप संचालकों को भारी आर्थिक और परिचालन संकट का सामना करना पड़ रहा है। पत्र में कहा गया कि कई जिलों में पेट्रोल पंपों पर सप्लाई में लगातार देरी हो रही है, जिससे स्टॉक बनाए रखना मुश्किल हो गया है।
एसोसिएशन ने तेल कंपनियों पर एक और गंभीर आरोप लगाया है। डीलरों का कहना है कि सामान्य पेट्रोल और डीजल की सप्लाई देने से पहले महंगे प्रीमियम पेट्रोल की बिक्री बढ़ाने का दबाव बनाया जा रहा है। एचपीसीएल की ओर से 'पावर पेट्रोल' की अनिवार्य लिफ्टिंग करवाई जा रही है, जबकि अन्य कंपनियों के डीलरों को भी प्रीमियम फ्यूल बचाने और उसकी बिक्री सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। डीलरों का कहना है कि आम उपभोक्ता सामान्य पेट्रोल की मांग कर रहे हैं, लेकिन कंपनियां प्रीमियम उत्पादों की बिक्री पर ज्यादा जोर दे रही हैं।
पत्र में यह भी कहा गया कि पहले तेल डिपो रविवार और छुट्टियों में भी संचालित होते थे, जिससे लंबित इंडेंट समय पर पूरे हो जाते थे और सप्लाई लाइन बनी रहती थी। लेकिन फरवरी 2026 के बाद कई डिपो ने छुट्टियों में कामकाज सीमित कर दिया और कार्य घंटे भी कम कर दिए। इससे सप्लाई चक्र प्रभावित हो गया और कई इलाकों में ईंधन संकट गहरा गया।
स्थिति यह हो गई है कि जिन पेट्रोल पंपों पर स्टॉक उपलब्ध है, वहां वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं। किसानों में भी चिंता बढ़ रही है, क्योंकि धान सीजन से पहले डीजल की मांग तेजी से बढ़ती है। ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर भी असर पड़ने लगा है और माल ढुलाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
पीपीडीएपी ने मुख्य सचिव से मांग की है कि तेल कंपनियों को तत्काल निर्देश जारी कर नियमित, निष्पक्ष और निर्बाध ईंधन सप्लाई सुनिश्चित करवाई जाए। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकला तो पंजाब में ईंधन संकट और गंभीर रूप ले सकता है, जिससे जनजीवन और आर्थिक गतिविधियां प्रभावित होंगी।
