राजेश मलकानियां, चंडीगढ़ : पिछले कई सालों से उपेक्षा के शिकार कॉलोनी एवं आशियाना फ्लैट्स धारकों के दिन भी बदलने वाले है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा अवैध कॉलोनियों के नाम पर लावारिस छोड़े गए कॉलोनीवासियों के अब अच्छे दिन आने वाले है। कॉलोनियों के आसपास पार्क भी बनेंगे, स्ट्रीट लाइट्स भी लगेगी और सड़कों का निर्माण भी होगा। जहां पर पानी, शौचालय की दिक्कत है, वह भी दूर होगी।

बजट के नाम पर कॉलोनियों से भेदभाव किया जाता रहा है और जब नेताओं को वोट लेने होते हैं, तो इन कॉलोनी वालों के लिए बड़े-बड़े वादे करते है, लेकिन पिछले कई सालों से उपेक्षा की शिकार इन कॉलोनी वालों को सुविधा देने के लिए नगर निगम द्वारा योजना तैयार कर ली गई है। पहले फेस में आशियाना फ्लैट्स में रहने वालों का जीर्णोधार होगा, फिर कालोनी वालों का।

फ्लैट्स में गंदगी की भरमार, सफाईकर्मी नहीं करने इलाके का रुख

केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के जवाहर लाल नेहरू नेशनल अर्बन रिन्यूअल मिशन के तहत पंचकूला शहर की कॉलोनियों को फ्लैट्स में तो बैठा दिया गया लेकिन सुविधाएं नहीं होने से लोग नारकीय जिंदगी जीने को मजबूर हैं। कई साल पहले इन लोगों को फ्लैट्स अलॉट कर दिए गए थे, लेकिन डेढ़ साल में ही फ्लैट्स की छतें टपकने लगी। आसपास लंबी-लंबी घास उग गई है, जगह-जगह गंदगी की भरमार है और सफाईकर्मी इस एरिया की ओर रुख भी नहीं करते। ऐसा ही हाल यहा एक मरला फ्लैट्स का भी है। सरकार द्वारा अवैध तौर पर बनी झुग्गियों में रहने वाले लोगों के लिए पंचकूला शहर में 2072 फ्लैट तैयार किए गए थे। फ्लैट्स के आवंटन के एक साल बाद ही फ्लैट्स की हालत खस्ता हो गई, साथ ही फ्लैट्स में रहने वाले लोगों में भी सरकार के प्रति गुस्सा है।

दिवारों से झड़ना शुरू हुआ प्लस्तर

सेक्टर 20 पंचकूला में जहां फ्लैट्स बने हैं, वहा पर सफाई व्यवस्था, सीवरेज एवं पानी की व्यवस्था ठीक नहीं है। आजाद कॉलोनी सेक्टर-21 में रहने वाले झुग्गीवासियों को सरकार की ओर से आशियाना फ्लैट्स सेक्टर-20 में अलॉट किए गए हैं। यहा पर बने 960 फ्लैट्स में तकरीबन 5 हजार से अधिक लोग रहते हैं। इसके अलावा गाव अभयपुर, सेक्टर-26 में फ्लैट्स बने हुए हैं। लेकिन सुविधा के नाम पर सब कुछ कॉलोनी से भी बदतर। फ्लैट्स में हुआ प्लस्तर झड़ना शुरू हो गया है।

छतों से टपकता है पानी, हर समय रहती है सीलन

दीवारों में दरारे पड़ चुकी हैं और छत से बरसात का पानी ऐसे टपकता है, मानो लोग घर में नहीं सड़क पर बैठे हों। रात में बरसात होने पर लोग सो भी नहीं पाते। छतों में हर समय सीलन रहती है। ग्राउंड फ्लोर से लेकर चौथी मंजिल तक सभी फ्लैट्स में यही हाल है। फ्लैट्स के निर्माण में घटिया मटीरियल का प्रयोग किए जाने के कारण लोग काफी परेशान हैं। पंचकूला नगर निगम के पाच साल के कार्यकाल के दौरान आशियाना सोसायटी में डेवलपमेंट न के बराबर की गई है। तीनों सेक्टरों के आशियाना फ्लैट्स में कचरे की भरमार है। सेक्टर-26 के आशियाना फ्लैट्स में तो सड़कों में कई फुट लंबे व गहरे गढ्डे मिले।

राजेश जोगपाल ने आशियाना फ्लैट्स की समस्याएं देख अफसरों को एक हफ्ते में समाधान करने के निर्देश दिए

नगर निगम के प्रशासक राजेश जोगपाल ने गांव अभयपुर के पास, सेक्टर-19, 20 और 26 में बने आशियाना फ्लैट्स के लोगों को दी जाने वाली सुविधाओं का दौरा किया। इस दौरान निगम में एग्जिक्यूटिव अफसर जरनैल सिंह सहित इंजीनियरिंग विंग के अफसर भी साथ थे। उन्होंने आशियाना फ्लैट्स की समस्याओं को देखा और अफसरों को एक हफ्ते में इनका समाधान करने के निर्देश दिए। निगम प्रशासक ने अफसरों को आशियाना फ्लैट्स में दो दिन में सफाई कराने के निर्देश दिए। अफसरों को इनमें लोगों के बैठने के लिए पार्क डेवलप करने को भी कहा गया है, जिसमें उनके लिए बैंच भी लगे हों। बच्चों के खेलने के लिए झूले लगाने को भी कहा है।

By Jagran