पंजाबी गायक परमीश वर्मा फायरिंग केस में चार पुलिस अफसरों के गैर-जमानती वारंट, पेश न होने पर कोर्ट सख्त
अदालत ने पंजाबी गायक परमीश वर्मा फायरिंग केस में गवाही के लिए पेश न होने पर चार पुलिस अधिकारियों के गैर-जमानती वारंट जारी किए हैं।

पंजाबी गायक परमीश वर्मा पर 2018 में मोहाली में हुआ था हमला।
HighLights
तीन एएसआई और एक एसआई के गैर जमानती वारंट।
निर्धारित तारीख पर पेश करने के निर्देश दिए गए।
2018 में परमीश वर्मा पर मोहाली में हुआ था हमला।
जागरण संवाददाता, मोहाली। गैंगस्टर दिलप्रीत बाबा और उसके साथियों की ओर से पंजाबी गायक एवं अभिनेता परमीश वर्मा और उसके दोस्त पर गोलियां चलाने के मामले में अदालत ने चार पुलिस अधिकारियों के गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं। इनमें तीन एएसआई और एक एसआई शामिल हैं।
आरोप है कि पुलिस अधिकारियों की ओर से अदालत में गवाही देने के लिए बार-बार समन जारी किए जाने के बावजूद वे पेश नहीं हुए। इस कारण अदालत ने सख्ती बरतते हुए गैरजमानती गिरफ्तारी वारंट जारी करने के आदेश दिए हैं।
अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि उन्हें गिरफ्तार कर अगली सुनवाई पर अदालत में पेश किया जाए। मामले की सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष की ओर से बताया गया कि अधिकारियों को कई बार समन भेजे गए, लेकिन इसके बावजूद वे अदालत में पेश नहीं हुए।
अदालत की ओर से गिरफ्तारी वारंट जारी किए जाने वालों में गवाह गुरकीरत सिंह, एएसआई सुखपाल सिंह, एएसआई जसपाल सिंह, एएसआई सेवा सिंह और एसआई मलकीत सिंह शामिल हैं। अदालत ने पुलिस को इन अधिकारियों को गिरफ्तार कर निर्धारित तारीख पर पेश करने के निर्देश दिए हैं।
अदालत ने कहा कि इस मामले में अहलमद द्वारा कोई कार्रवाई जारी नहीं की गई। अदालत ने अहलमद को भविष्य में सचेत रहने की चेतावनी दी है। अवज्ञा के मामले में पंजाब कोर्ट्स एक्ट की धारा 36 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
18 सितंबर 2024 को अदालत ने मामले में गवाही देने के लिए संबंधित पुलिस अधिकारियों को समन जारी किए थे। इसके बाद भी अधिकारियों की ओर से गवाही के लिए पेश नहीं होने पर अदालत ने यह कार्रवाई की है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 17 सितंबर निर्धारित की है।
2018 में हुई थी फायरिंग
13 अप्रैल 2018 की रात पंजाबी गायक और अभिनेता परमीश वर्मा चंडीगढ़ के एलांते मॉल में एक प्रमोशनल इवेंट के बाद अपने दोस्त कुलवंत चहल के साथ मोहाली स्थित अपने घर लौट रहे थे। सेक्टर-91 के पास उन पर फायरिंग हुई थी। हमले के अगले दिन गैंगस्टर दिलप्रीत सिंह बाबा ने इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट डालकर हमले की जिम्मेदारी ली थी।
पोस्ट में उसने परमीश वर्मा को धमकी भी दी थी। पुलिस जांच में सामने आया था कि परमीश से रंगदारी मांगी गई थी। मांग पूरी नहीं होने के बाद उन्हें डराने के इरादे से हमला किए जाने की बात सामने आई थी। बाद में पुलिस ने दिलप्रीत सिंह बाबा और उसके कुछ साथियों को गिरफ्तार किया था।
