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स्कूलों और शिक्षण संस्थानों के आसपास पुलिस की नजर, बच्चों को नशे से बचाने के लिए चलाया ऑपरेशन क्वच

Published: Sun, 13 Sep 2026 04:35 PM (IST)

पंचकूला पुलिस ने बच्चों को नशे की लत से बचाने के लिए 'ऑपरेशन कवच' शुरू किया है। स्कूलों और शिक्षण ...और पढ़ें

पुलिस ने बाजारों और गली-मोहल्लों में औचक जांच की।

पुलिस ने बाजारों और गली-मोहल्लों में औचक जांच की।

HighLights

  1. पंचकूला पुलिस ने बच्चों को नशे से बचाने 'ऑपरेशन कवच' चलाया।

  2. स्कूलों, शिक्षण संस्थानों के आसपास औचक जांच और निगरानी।

  3. कूल लिप, रोलिंग पेपर जैसे प्रतिबंधित पदार्थ जब्त किए गए।

जागरण संवाददाता, पंचकूला। बच्चे नशे की गिरफ्त में अचानक नहीं आते। कई बार इसकी शुरुआत ऐसी चीजों से होती है, जिन्हें बच्चे और आसपास के लोग मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।

इसी शुरुआती आदत को रोकने के लिए पंचकूला पुलिस ने ऑपरेशन कवच शुरू किया है। पुलिस कमिश्नर पंकज नैन के निर्देश पर जिले में चल रहे 7 दिवसीय अभियान के दूसरे दिन भी स्कूलों, शिक्षण संस्थानों के आसपास, बाजारों और गली-मोहल्लों में औचक जांच की गई।

पुलिस का फोकस उन दुकानों और स्थानों पर है, जहां बच्चों को कूल लिप, रोलिंग पेपर और प्रतिबंधित तंबाकू पदार्थ आसानी से उपलब्ध हो सकते हैं। पुलिस टीमों ने पंचकूला शहर के अलावा कालका और पिंजौर समेत जिले के विभिन्न हिस्सों में जांच की। कार्रवाई के दौरान सैकड़ों बड़े पैकेट कूल लिप, रोलिंग पेपर के बड़े डिब्बे और अन्य संबंधित पदार्थ बरामद किए गए।

बच्चों के आसपास की दुकानों पर नजर

पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने सभी थाना और चौकी प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्रों में स्कूलों और शिक्षण संस्थानों के आसपास लगातार निगरानी रखें। दुकानों पर प्रतिबंधित पदार्थों की बिक्री की जांच की जाए और नियमों का उल्लंघन मिलने पर सामान जब्त कर कार्रवाई की जाए।

डीसीपी पंचकूला आइपीएस अदिति सिंह ने बताया कि ऑपरेशन कवच के तहत पिछले 2 दिनों से पुलिस की सभी टीमें लगातार फील्ड में सक्रिय हैं। स्कूलों के आसपास भी विशेष चेकिंग की जा रही है, ताकि बच्चों तक नशीले और प्रतिबंधित पदार्थों की पहुंच को रोका जा सके।

अभिभावक भी रखें नजर

पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने कहा कि बच्चों को नशे की शुरुआत में ही रोकना सबसे जरूरी है। कूल लिप जैसे पदार्थों को छोटा या मामूली नशा समझकर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। छोटी उम्र में शुरू हुई ऐसी आदत आगे चलकर गंभीर नशे का रूप ले सकती है।

उन्होंने कहा कि कई अभिभावकों को यह पता तक नहीं होता कि उनका बच्चा किन चीजों का सेवन कर रहा है। इसलिए माता-पिता को बच्चों के व्यवहार और उनकी संगत पर भी नजर रखनी होगी।

उन्होंने कहा कि नशे की लत केवल बच्चे के स्वास्थ्य को प्रभावित नहीं करती, बल्कि इससे परिवार और समाज भी प्रभावित होता है। कई मामलों में नशे की जरूरत पूरी करने के लिए व्यक्ति अपराध की ओर भी बढ़ सकता है। इसलिए पुलिस का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि नशे की पहली सीढ़ी तक पहुंचने से पहले ही बच्चों को रोकना है।

स्कूलों के साथ मिलकर चलेगा जागरूकता अभियान

पुलिस कमिश्नर ने कहा कि ऑपरेशन कवच को सफल बनाने के लिए स्कूल प्रबंधन, शिक्षक, अभिभावक और आम लोगों की भूमिका अहम है। पुलिस की टीमें स्कूलों में जाकर बच्चों को नशे के नुकसान के बारे में जागरूक करेंगी। आने वाले दिनों में भी चेकिंग के साथ जागरूकता अभियान जारी रहेगा।

पंचकूला पुलिस का कहना है कि अभियान का मकसद बच्चों को नशे के जाल से दूर रखना और जिले में ऐसा माहौल तैयार करना है, जहां नशे की शुरुआत के लिए भी कोई जगह न बचे।