सुमेश ठाकुर, चंडीगढ़: युवाओं के पास आइडिया तो बहुत होते हैं, लेकिन उसे पूरा करने की सबसे बड़ी जरूरत है पैसा। इस जरूरत को पूरा करने के लिए चंडीगढ़ एंजल नेटवर्क की तरफ से नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल टीचर ट्रेनिंग एंड रिसर्च निट्टर सेक्टर-26 में सेमिनार में आयोजित किया गया। इसमें युवाओं ने अपने इनोवेटिव आइडिया पेश किए।

पंचकूला के हर्षित का कहना है कि होम इंटीरियर का काम पहले से चल रहा था। उसे बढ़ाना भी था और मुझे खुद की पहचान भी बनानी थी। इसके लिए मैंने सोचा कि इंटीरियर के साथ कुछ ऐसा काम शुरू किया जाए जो कि घर की सजावट भी करे और उससे लोगों को लाभ भी हो। इसके लिए मैंने घर में नेचुरल एयर प्यूरीफायर लगाने का निर्णय लिया। हर्षित ने इसके लिए डेढ़ साल पहले रिसर्च शुरू की और आठ महीने पहले काम भी शुरू कर दिया। प्रयोग सफल रहा तो उसके बाद अब तक डेढ़ से दो सौ घरों, होटलों में इसे लगा चुके हैं।

घर में ही पैदा की जा सकेगी साफ हवा

हर्षित ने बताया कि वायु प्रदूषण की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। इसका असर सड़कों से लेकर घरों के अंदर तक हो गया है। इस प्रदूषण से बचाव के लिए नेचुरल एयर प्यूरीफाई को शुरू करने का निर्णय लिया। प्यूरीफायर का लाभ घर में रहने वाले लोगों को यह मिलेगा कि घर के अंदर की कार्बनडाइाक्साइड अंदर ही खत्म हो जाएगी और साफ हवा घर में ही पैदा की जा सकती है।

40 से 50 हजार की आती है लागत

एक प्यूरीफायर को लगवाने में 40 से 50 हजार रुपये की लागत आती है। दीवार पर खुदाई के बाद इस पर कोयला लगाया जाता है और कोयले पर एक जाली स्थापित होती है। इस जाली में घास के बीच बोए जाते हैं, जो कि सात से दस दिन के भीतर हरियाली देना शुरू कर देते हैं। दीवार पर लगाई गई कोयले की जाली पर पानी देना का भी सिस्टम स्थापित किया जाता है। ताकि उस पर दीवार को बिना गीले किए पानी पौधों की जड़ों तक पहुंच पाए।

Posted By: Jagran