राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने प्रशासनिक सचिवों को अपने-अपने विभागों का 100 दिन का विस्तृत रोडमैप तैयार करने के आदेश दिए हैं। उन्‍होंने कहा कि विभागों के कामकाज में और अधिक पारदर्शिता व कार्यकुशलता लाई जाने की जरूरत है। रोडमैप से इसमें मदद मिलेगी।  यह प्रस्ताव एक हफ्ते के अंदर मुख्य सचिव को पेश को कहा है।

मुख्यमंत्री ने सभी प्रशासनिक सचिवों के साथ की पहली बैठक

प्रशासनिक सचिवों के साथ पहली बैठक करते हुए चन्नी ने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्रों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। इससे लोगों को किफायती स्वास्थ्य सुविधाएं और खास तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को मानक शिक्षा मुहैया करवाई जा सकेगी। सचिवों को अपना फर्ज ईमानदारी से निभाने के लिए कहा जिससे लोगों को साफ-सुथरा, पारदर्शी और भ्रष्टाचार से मुक्त प्रशासन मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्रियों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों को बनता सम्मान दिया जाए, लेकिन कानून के अनुसार ही काम किया जाए।

मुख्य सचिव को एक सप्ताह के भीतर प्रस्ताव पेश करने का निर्देश

मुख्य सचिव अनिरुद्ध तिवारी ने मुख्यमंत्री को एक अच्छे प्रशासन और उनकी उम्मीदों पर खरा उतरने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के दिशा निर्देशों पर चलते हुए पारदर्शी रोडमैप तैयार करके निर्धारित लक्ष्य हासिल करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

 लापरवाह अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी

चन्नी ने कहा, 'मैं नरम स्वभाव का जरूर हूं परंतु इसका यह अर्थ न निकाला जाए कि मैं किसी भी लापरवाही को अनदेखा कर दूंगा। मैं उनके खिलाफ कार्रवाई करूंगा जो आम लोगों के हितों के लिए काम नहीं करेंगे।' भ्रष्टाचार को बर्दाश्त न करने का प्रण करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट तौर पर कहा कि इस कुप्रथा का खात्मा हर कीमत पर किया जाना जरूरी है। आम आदमी के काम प्राथमिक आधार पर होने चाहिए। बिना किसी धर्म, जाति या भाईचारे के फर्क से हरेक नागरिक के साथ इंसाफ होना चाहिए। यदि कोई भी व्यक्ति उनका नाम लेकर आपके तक पहुंच करता है तो इसकी सूचना तुरंत उनको दी जाए।

Edited By: Sunil Kumar Jha