जागरण संवाददाता, चंडीगढ़ : चेक बाउंस के मामले में जिला अदालत ने मनीमाजरा समाधी गेट निवासी रविदर कौर को एक साल कैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उसे शिकायतकर्ता से लिए 5 लाख रुपये दो माह में लौटाने के आदेश दिए हैं। अगर वह दो माह में पैसे नहीं लौटाती तो सजा में बढ़ोतरी की जाएगी।

मनीमाजरा दर्शनी बाग निवासी नीरू शर्मा ने जिला अदालत में चेक बाउंस का केस दायर किया था। उन्होंने बताया कि वह विधवा हैं, पति की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद से ही वह अपने परिवार के साथ मनीमाजरा में रह रही हैं।

उसने बताया कि कार्डबोर्ड बाक्स बनाने का काम करती हैं और पति भी यही काम करते थे। उन्होंने बताया कि दोषी महिला रविदर कौर को काफी सालों से जानती हैं। इस दौरान महिला ने उससे 5.50 लाख रुपये सहायता मांगी और वादा किया कि समय रहते उसे वह रुपये लौटा देगी, जिसके बदले 1 सितंबर 2016 को दोषी महिला से 5.50 लाख रुपये का चेक ले लिया, जोकि चंडीगढ़ को आपरेटिव बैंक का था।

चेक जब बैंक में लगाया तो एकाउंट में पैसे न होने व साइन मैच न होने के चलते बाउंस हो गया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने 25 अप्रैल 2017 को दोषी महिला को लीगल नोटिस भेजा, जिसके बाद महिला ने उससे संपर्क किया और उससे मिलने आई और उसे 50 हजार रुपये कैश दे गई। इसके साथ ही वह उसे एक 5 लाख का चेक दे गई। फिर से शिकायतकर्ता महिला ने जब चेक बैंक में लगाया तो वह भी अकाउंट में पर्याप्त बैलेंस न होने के चलते बाउंस हो गया। जिसके बाद शिकायतकर्ता ने कोर्ट का दरबाजा खटखटाया था। कोर्ट ने आज दोषी महिला को एक साल कैद की सजा सुनाई है।

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