जागरण संवाददाता, चंडीगढ़ : फूड लाइसेंस बिना मिठाई बनाने पर एक व्यक्ति को चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने एक माह की जेल और 30 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। प्रशासन के फूड सेफ्टी विभाग ने सेक्टर-55 गांव पलसोरा में नवंबर में एक व्यक्ति को बिना फूड लाइसेंस के दुकान में मिठाईयां बनाते पकड़ा था। व्यक्ति के पास कोई भी फूड लाइसेंस या दुकान चलाने को लेकर कोई मान्यता नहीं थी। जिस पर फूड सेफ्टी विभाग ने व्यक्ति पर कानूनी कार्रवाई की गई थी। चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट-2006 के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपित को एक माह की जेल और 30 हजार जुर्माना लगाया है। छापामारी कर 52 लोगों को पकड़ा था विभाग ने

फूड सेफ्टी विभाग ने नवंबर और दिसंबर में शहर में स्पेशल ड्राइव चलाकर ऐसे 52 लोगों को पकड़ा था। ये 52 लोग फूड सेफ्टी विभाग से बिना किसी मंजूरी और लाइसेंस के खाद्य पदार्थ बनाने और बेचने का काम कर रहे थे। यहां तक की छापामारी के दौरान जब इन लोगों को खाद्य पदार्थ जैसे मिठाईयां व अन्य खाने-पीने की वस्तु बनाते पकड़ा गया था, तो वह सभी खाने-पीने की चीजें अपौष्टिक पाई गई। इस पर विभाग ने इन सभी लोगों को नोटिस जारी कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। बिना फूड लाइसेंस नहीं कर सकते खाने-पीने का कोई कारोबार

फूड सेफ्टी कमिश्नर यशपाल गर्ग ने बताया कि शहर में कोई भी व्यक्ति खाने-पीने की चीजों को लेकर अगर कोई भी कारोबार या व्यापार कर रहा है, उसे फूड सेफ्टी विभाग से लाइसेंस व रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। यहां तक की तय समयसीमा के बाद फूड लाइसेंस को रिन्यू कराना भी अनिवार्य है। हर कारोबारी या व्यापारी को खाने-पीने की चीजों के लिए फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट-2006 के मानकों को पूरा करना अनिवार्य है।

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