चंडीगढ़, जेएनएन। नोटबंदी के बाद भी पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट लोगों के घरों से निकल रहे हैं। वैसे तो यह नोट चलना बंद हो गए हैं, लेकिन कुछ लोग पुरानी करंसी को मंदिरों और गुरुद्वारों में चुपके से दानपात्र में डाल देते हैं। ऐसा ही मामला सेक्टर-29 स्थित शिरड़ी साईं मंदिर में सामने आया है। रविवार को मंदिर का दान पात्र खोला गया। मंदिर कमेटी के सदस्य दान पात्र में डाले गए नोटों की गिनती करने लगे। जब वे नोटों की गिनती कर रहे थे तो उनके हाथ पांच सौ और एक हजार के पुराने नोट हाथ लगे। दान पात्र में डाले गए पुराने नोटों को देख मंदिर कमेटी के सदस्य भी हैरान रह गए।

मंदिर के दान पात्र में  13 हजार रुपये के पुराने नोट मिले हैं। पुरानी करंसी में आठ नोट हजार व दस नोट पांच-पांच सौ के हैं।  फ‍िलहाल मंदिर कमेटी के सदस्यों ने पुराने नोट अपने पास जमा कर लिए हैं। साईं मंदिर कमेटी के सदस्य नलिन आचार्य का कहना है कि हर महीने मंदिर के दान पात्र को खोला जाता है और पैसों की गिनती की जाती है। नोटबंदी के दौरान भी मंदिर के दान पात्रों से लगभग 70-80 लाख के पुराने नोट निकले थे और इसके बाद भी लगभग पांच-छह लाख रुपये के पुराने नोट लोगों की ओर से दान पात्र में डाले गए थे।

नलिन आचार्य ने कहा कि लगभग अब दो साल के बाद मंदिर के दान पात्र से पांच सौ और एक हजार के पुराने नोट निकले हैं। पुराने नोट को मंदिर कमेटी ने अपने पास जमा कर लिया है। बता दें कि सरकार ने तीन साल पहले ही नोटबंदी के समय इस तरह के पांच सौ और एक हजार के नोट बंद कर दिए हैं। यह पहला मामला नहीं है जब किसी मंदिर के दान पात्र से पुराने हैं, इससे पहले भी कई मंदिरों के दान पात्रों से पुराने नोट मिलने के मामले सामने आते रहे हैं।

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Posted By: Sat Paul

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