राजेश ढल्ल, चंडीगढ़ : भाजपा का नया प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद अब कार्यकारिणी में शामिल होने के लिए लॉबिग शुरू हो गई है। नई प्रदेश कार्यकारिणी का गठन एक माह के भीतर हो जाएगा। जिसमें नए के साथ साथ पुराने नेताओं को फिर से मौका दिया जाएगा। नए प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद ने कार्यकारिणी के गठन के लिए मंथन शुरू कर दिया है। जिनमें युवाओं को भी मौका दिया जाएगा। ऐसा भी माना जा रहा है कि कार्यकारिणी में उन नेताओं को शामिल किया जाएगा जोकि पूरी तरह से संगठन को मजबूत करने में लगेंगे। उन्हें अगले साल होने वाले नगर निगम चुनाव में पार्षद की टिकट नहीं दी जाएगी ताकि ज्यादा से ज्यादा नेताओं को एडजस्ट किया जा सके। अगले साल होने वाले नगर निगम चुनाव में वार्डो की संख्या भी 26 से बढ़कर 35 हो जाएगी। प्रदेश कार्यकारिणी में पांच उपाध्यक्ष, दो महासचिव, छह सचिव, छह प्रवक्ता, एक कैशियर के अलावा 100 कार्यकारी सदस्यों को शामिल किया जा सकता है। जबकि अभी तक पांच में से दो जिला अध्यक्षों का भी चुनाव होना है। लेकिन अब इन जिला अध्यक्षों का चुनाव करवाने के बजाय सीधा उन्हें मनोनीत किया जाएगा। इसके साथ सेल और प्रकोष्ठों का गठन भी नए सिरे से किया जाएगा। इस समय नए अध्यक्ष के चुनाव के बाद सभी पुरानी कार्यकारिणी के पदाधिकारी भी पूर्व हो गए हैं। अरुण सूद दिल्ली रवाना, आज नड्डा और संगठन मंत्री से मिलेंगे

नवनियुक्त अध्यक्ष अरुण सूद राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए दिल्ली रवाना हो गए हैं। सोमवार को नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में वे शामिल होंगे। सोमवार को सूद की जेपी नड्डा और राष्ट्रीय संगठन मंत्री के साथ भी मुलाकात है जिसमें वे चंडीगढ़ भाजपा की राजनीति पर चर्चा करेंगे। वापस आने के बाद अरुण सूद की प्रशासक वीपी सिंह बदनौर के साथ बैठक है। युवा और महिला मोर्चा के अध्यक्ष की होगी नियुक्ति

प्रदेश कार्यकारणी के साथ-साथ भाजपा में युवा और महिला मोर्चा के नए अध्यक्ष की नियुक्ति की जाएगी। युवा मोर्चा के अध्यक्ष के लिए पार्षद कंवरजीत राणा भी प्रयास कर रहे हैं। जबकि इस समय गौरव गोयल युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष हैं। कांग्रेस की भी कार्यकारिणी का होना है गठन

अभी तक कांग्रेस ने भी अपनी कार्यकारिणी का गठन नहीं किया है। लोकसभा चुनाव से पहले ही पुरानी कार्यकारिणी भंग हो गई थी। कांग्रेस पार्टी भी जल्द कार्यकारिणी का गठन करने जा रही है। कांग्रेस भी भाजपा की तर्ज पर अपने जिला अध्यक्षों की संख्या तीन से बढ़ाकर पांच करने जा रही है जिसकी हाईकमान से मंजूरी मांगी गई है। कांग्रेस भी इस नीति पर पदाधिकारियों की नियुक्ति करने जा रहा है कि एक नेता को एक ही पद पर तैनात किया जाएगा। ऐसे में पार्टी में शामिल पदाधिकारियों को पार्षद की टिकट नहीं दी जाएगी। हर किसी को उनकी क्षमता के अनुसार जिम्मेदारी दी जाएगी। कार्यकारिणी में पुराने और नए दोनों पदाधिकारियों को मौका दिया जाएगा।

-अरुण सूद, अध्यक्ष, चंडीगढ़ भाजपा

Posted By: Jagran

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